भारत में निवेश को लेकर विदेशों में कई राज्यों को लेकर चर्चा बनी रहती है. हाल फिलहाल में साउथ में निवेश को लेकर दो राज्य काफी चर्चा में है. पहला है आंध्र प्रदेश और दूसरा है तमिलनाडु, इन दोनों राज्यों के बीच तगड़ा मुकाबला देखने को मिल रहा है. इस मुकाबले में आंध्र प्रदेश ने बड़ी सफलता हासिल की है और तमिलनाडु को पछाड़ दिया है. दक्षिण कोरिया की तीन कंपनियों ने तमिलनाडु के बजाय आंध्र प्रदेश में 1,614 करोड़ रुपये का निवेश करने का फैसला किया है.
ये तीनों कंपनियां दुनिया की प्रमुख कार निर्माता कंपनियों हुंडई और किया को गाड़ियों के पुर्जे सप्लाई करती हैं. इन कंपनियों ने आंध्र प्रदेश सरकार के साथ डील की है. जिसके तहत राज्य के अनंतपुर जिले में नई मैन्युफैक्चरिंग फैक्ट्रियां लगाई जाएंगी.
ये कंपनियां करेंगी निवेश
इन तीनों कंपनियों ने अलग-अलग रकम निवेश करने का वादा किया है. यहां देखें इन कंपनियों की लिस्ट और ये कितना करेंगी निवेश:
| कंपनी का नाम | निवेश | संभावित रोजगार |
| Hwashin | 850 करोड़ रुपये | 100 |
| Seoyon | 514 करोड़ रुपये | 918 |
| Iwamet | 250 करोड़ रुपये | 400 |
| कुल | 1,614 करोड़ रुपये | 1,418 |
इन तीनों कंपनियों के निवेश से अनंतपुर में ऑटोमोबाइल के पुर्जे बनाने वाली नई फैक्ट्रियां स्थापित होंगी.
आंध्र प्रदेश को क्यों चुना?
तमिलनाडु पहले से ही ऑटोमोबाइल कंपनियों का बड़ा केंद्र है. वहां हुंडई समेत कई बड़ी कंपनियों के प्लांट मौजूद हैं. तमिलनाडु सरकार भी इन तीनों दक्षिण कोरियाई कंपनियों को अपने यहां निवेश के लिए बुला रही थी. इन कंपनियों की तमिलनाडु में कारोबार बढ़ाने को लेकर बातचीत भी हुई थी. लेकिन आंध्र प्रदेश सरकार ने निवेश को आकर्षित करने के लिए विशेष प्रयास किए.
आंध्र प्रदेश के मंत्री नारा लोकेश ने जुलाई 2026 में दक्षिण कोरिया का दौरा किया था. इस दौरान उन्होंने हुंडई और किया से जुड़ी कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की और उन्हें आंध्र प्रदेश में फैक्ट्री लगाने के लिए आमंत्रित किया. इसके बाद राज्य के इकोनॉमिक डेवलपमेंट बोर्ड ने कंपनियों के साथ लगातार बातचीत की. आखिरकार तीनों कंपनियों ने आंध्र प्रदेश में निवेश करने का फैसला किया.
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