भारतीय तेज गेंदबाज अंशुल कंबोज ने बुधवार (04 नवंबर) को न्यूजीलैंड के खिलाफ खेले गए पहले वनडे में कमाल का प्रदर्शन किया. उन्होंने 10 ओवर में सिर्फ 22 रन खर्च करके 2 विकेट अपने नाम किए. इस दौरान उनकी इकॉनमी 2.20 की रही. अंशुल को ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ के खिताब से नवाजा गया. यह उनके करियर का सिर्फ दूसरा वनडे था. डेब्यू मैच में अंशुल ने 9 ओवरों में 82 रन लुटाए थे. उन्हें कोई विकेट भी नहीं मिला था. न्यूजीलैंड के खिलाफ दमदार प्रदर्शन के बाद भारतीय गेंदबाज ने कहा कि एक खराब मैच आपका करियर तय नहीं कर करता है.
बता दें कि मुकाबले में भारत की तरफ से शानदार गेंदबाजी देखने को मिली थी. पहले बैटिंग करने वाली न्यूजीलैंड 40.2 ओवर में 185 रन पर ऑलआउट हो गई थी. इस दौरान टीम इंडिया के लिए अर्शदीप सिंह ने सबसे ज्यादा 4 विकेट लिए. बाकी गुरनूर बरार को 3 और कंबोज को 2 सफलताए मिलीं. चेज में टीम इंडिया ने 22.4 ओवर में जीत हासिल कर ली थी. भारत को 32 ओवर में 143 रन का रिवाइज्ड टारगेट मिला था.
मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में अंशुल कंबोज ने कहा, “एक खराब मैच से किसी खिलाड़ी का करियर तय नहीं होता. मैंने हमेशा की तरह अपनी प्रक्रिया पर ध्यान दिया. एक मैच में अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाने का मुझ पर ज्यादा असर नहीं पड़ा, बल्कि इससे मुझे बेहतर करने की प्रेरणा मिली और उन एरिया को समझने में मदद मिली जिनमें मुझे सुधार करने की जरूरत है. नतीजे हमेशा आपके पक्ष में नहीं होते.”
‘आलोचना से फर्क नहीं पड़ता’
आलोचनाओं को लेकर भारतीय गेंदबाज ने कहा, “मैं इन चीजों पर ज्यादा ध्यान नहीं देता. मेरा ध्यान अपने क्रिकेट और गेंदबाज के तौर पर खुद को बेहतर बनाने पर रहता है. लोग मेरे बारे में क्या सोचते हैं या क्या कहते हैं मैं उस पर ज्यादा ध्यान नहीं देता. इसलिए इससे मुझे कोई खास फर्क नहीं पड़ता.”
पिच से मिली मदद पर क्या बोले?
अंशुल कंबोज ने कहा, “ईडन पार्क की पिच पर थोड़ी सीम मूवमेंट थी लेकिन सही लेंथ और सही एरिया में गेंदबाजी करना भी जरूरी था. पिच से मदद हासिल करने का यही एक तरीका है. अगर आप सही लेंथ से चूकते हैं तो रन लुटा सकते हैं. इसलिए मैं ज्यादा से ज्यादा गेंदें सही एरिया में डालने की कोशिश कर रहा था.”
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