अमेरिका की राजनीति में हुए बड़े बदलाव का असर अब हजारों किलोमीटर दूर भारत के सर्राफा बाजार में भी दिखाई देने लगा है. अमेरिका में हुए मिडटर्म चुनाव में डोनाल्ड ट्रंप को मिली हार के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में जोरदार तेजी देखने को मिली है. इसका असर भारतीय बाजार पर भी पड़ रहा है. सोने-चांदी के बढ़ते भाव ने उन परिवारों की चिंता बढ़ा दी है, जिनके घरों में शादी-ब्याह की तैयारियां चल रही हैं. खासकर महिलाओं के लिए पसंदीदा आभूषण खरीदना अब जेब पर भारी पड़ सकता है.
अंतरराष्ट्रीय बाजार में अमेरिकी डॉलर की कमजोरी और बॉन्ड यील्ड में गिरावट के चलते सोने-चांदी की चमक बढ़ी है. 4 नवंबर को मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोने की कीमतों में करीब 2.5 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई, जबकि चांदी के भाव 4 प्रतिशत से अधिक उछल गए. 5 नवंबर को भी अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने में तेजी का रुख बना रहा.
महिलाओं की जेब पर पड़ेगा असर
भारत में सोना सिर्फ एक धातु नहीं, बल्कि परंपरा, भावनाओं और पारिवारिक बचत का अहम हिस्सा है. शादी में बेटी के लिए गहने खरीदने हों या दीपावली जैसे त्योहारों पर सोने-चांदी की खरीदारी करनी हो, कीमतों में बढ़ोतरी सीधे घरेलू बजट को प्रभावित करती है. ऐसे में अचानक आई तेजी ने खरीदारों की चिंता बढ़ा दी है.
अमेरिका की राजनीति से भारतीय बाजार तक हलचल
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर होने वाले राजनीतिक और आर्थिक बदलावों का असर भारत के सर्राफा बाजार पर भी पड़ता है. डॉलर की चाल, ब्याज दरों की संभावनाएं और निवेशकों का रुख सोने-चांदी के भाव तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं.
अब खरीदारों की नजर इस बात पर है कि आने वाले दिनों में सोने-चांदी की कीमतें और बढ़ेंगी या बाजार में राहत मिलेगी. फिलहाल तेजी ने त्योहारों और शादी के सीजन में गहने खरीदने की योजना बना रहे परिवारों का बजट जरूर बिगाड़ने की आशंका पैदा कर दी है.
यह भी पढ़ें- तनिष्क, मालाबार, कल्याण, जोयालुक्कास में से किसका दिवाली ऑफर सबसे अच्छा?