क्या आप जानते हैं कि छोटी रकम से भी बड़ा फंड बनाया जा सकता है? अगर आप सोचते हैं कि निवेश शुरू करने के लिए आपके पास बहुत ज्यादा पैसा होना चाहिए, तो ऐसा जरूरी नहीं है. हर रोज सिर्फ 50 रुपये बचाकर भी आप भविष्य के लिए एक बड़ा फंड तैयार कर सकते हैं.
लाइवमिंट की रिपोर्ट के मुताबिक, अगर कोई व्यक्ति रोजाना 50 रुपये यानी महीने के करीब 1,500 रुपये म्यूचुअल फंड की SIP में निवेश करता है, तो 25 साल में उसका निवेश 20 लाख रुपये से ज्यादा हो सकता है.
क्या है SIP?
SIP यानी सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान, इसमें निवेशक हर महीने एक निश्चित रकम म्यूचुअल फंड में निवेश करता है. जैसे मान लीजिए आप हर महीने 1,500 रुपये की SIP शुरू करते हैं, तो ये रकम आपके बैंक खाते से तय तारीख पर निवेश हो सकती है. इसका फायदा ये है कि आपको एक साथ बड़ी रकम लगाने की जरूरत नहीं होती. आप छोटी-छोटी रकम से निवेश की आदत बना सकते हैं.
डेली इनवेस्टमेंट से कमाएं लाखों
अगर आप रोजाना 50 रुपये बचाते हैं, तो महीने में करीब 1,500 रुपये और साल में 18,000 रुपये निवेश कर सकते हैं. इस रिपोर्ट में 10% सालाना अनुमानित रिटर्न के आधार पर अलग-अलग समय में मिलने वाले संभावित फंड का हिसाब दिया गया है.
5 से 25 साल में कितना पैसा बन सकता है?
हर रोज 50 रुपये की SIP करने पर अनुमानित सालाना रिटर्न कितना मिलेगी, 10% ब्याज के आधार पर आइये जानते हैं SIP का गणित:
| निवेश की अवधि | कुल निवेश | अनुमानित फंड |
| 5 साल | 91,250 रुपये | 1.18 लाख रुपये |
| 10 साल | 1.82 लाख रुपये | 3.14 लाख रुपये |
| 15 साल | 2.74 लाख रुपये | 6.35 लाख रुपये |
| 25 साल | 4.56 लाख रुपये | 20.41 लाख रुपये |
लंबे समय तक निवेश करने से कैसे बढ़ता है पैसा?
म्यूचुअल फंड में लंबे समय तक निवेश करने का एक बड़ा फायदा कंपाउंडिंग है. कंपाउंडिंग का मतलब है कि आपके निवेश पर मिलने वाला रिटर्न भी आगे चलकर रिटर्न कमाने लगता है. उदाहरण के लिए, आपने शुरुआत में 1,000 रुपये निवेश किए. उस पर 100 रुपये का फायदा हुआ. अगले साल आपका निवेश 1,100 रुपये हो गया. अब रिटर्न की गणना बढ़ी हुई रकम पर होगी. इसी तरह समय के साथ निवेश और उससे मिलने वाला संभावित फायदा बढ़ सकता है.
छोटी SIP करना सही?
अगर आपकी आय कम है या आप पहली बार निवेश करना चाहते हैं, तो छोटी SIP से शुरुआत करना एक ऑप्शन हो सकता है. लेकिन निवेश करने से पहले कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है, जैसे पहले अपनी जरूरतों और खर्चों का हिसाब बनाएं. इमरजेंसी जरूरतों के लिए कुछ पैसा अलग रखें. सिर्फ अनुमानित रिटर्न देखकर निवेश न करें क्योंकि म्यूचुअल फंड में बाजार का जोखिम होता है.
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