दिवाली पर घरों में दीये जलाने के साथ आतिशबाजी भी की जाती है. बच्चे इस मौके पर रंग-बिरंगी रोशनी और पटाखों को लेकर काफी उत्साहित रहते हैं. पर पटाखों से निकलने वाला धुआं, तेज आवाज और चिंगारी बच्चों के लिए नुकसानदायक हो सकती है. इसलिए बच्चों के लिए पटाखे खरीदते समय सिर्फ उनकी रोशनी या आवाज नहीं, बल्कि सुरक्षा का भी ध्यान रखना जरूरी है. कम आवाज और कम धुएं वाले विकल्पों को प्राथमिकता दें. साथ ही, बच्चों को कभी भी अकेले पटाखे न जलाने दें. आइए जानते हैं कुछ ऐसे विकल्पों के बारे में, जिन्हें दिवाली की सजावट और रोशनी के लिए इस्तेमाल किया जाता है.
फुलझड़ी से रोशन करें दिवाली
फुलझड़ी बच्चों के बीच काफी पसंद की जाती है. इसे जलाने पर छोटी-छोटी चिंगारियां निकलती हैं, जो रोशनी का सुंदर नजारा बनाती हैं. इसमें भी आग और जलने का खतरा रहता है. इसलिए छोटे बच्चों को इसे खुद पकड़कर जलाने की अनुमति न दें. अगर इस्तेमाल कर रहे हैं तो किसी बड़े व्यक्ति की निगरानी में ही जलाएं. फुलझड़ी को चेहरे, बालों और कपड़ों से दूर रखें. इस्तेमाल के बाद इसे पानी से भरी बाल्टी में डालें और पूरी तरह ठंडा होने दें.
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अनार से देखें रंग-बिरंगी रोशनी
अनार जमीन पर रखकर जलाया जाने वाला पटाखा है. इससे ऊपर की ओर रंग-बिरंगी चिंगारियां निकलती हैं, जो देखने में काफी आकर्षक लगती हैं. लेकिन अनार से भी तेज गर्म चिंगारियां निकलती हैं, इसलिए इसे बच्चों से दूर रखना चाहिए. अगर परिवार के बड़े लोग इसे जलाते हैं तो खुले स्थान पर रखें और सुरक्षित दूरी बनाकर खड़े हों. इसे हाथ में पकड़कर जलाने या जलने के बाद उसके पास जाने की गलती न करें.
इलेक्ट्रिक लाइट और LED डेकोरेशन चुनें
अगर आप बच्चों के लिए बिना धुएं और धमाके वाली रोशनी चाहते हैं तो LED लाइट, बैटरी वाले दीये और इलेक्ट्रिक डेकोरेशन अच्छे ऑप्शंस हैं. इनमें आग की चिंगारी या पटाखों जैसा तेज धमाका नहीं होता. बच्चे रंग-बिरंगी लाइट्स से घर और बालकनी सजाने में भी हिस्सा बन सकते हैं . इसके अलावा, बैटरी से चलने वाले सजावटी लैंप और चमकने वाली लाइट्स भी इस्तेमाल कर सकते हैं. इनसे त्योहार का माहौल भी बना रहता है और पटाखों से होने वाले खतरे से भी बचा जा सकता है.
बच्चों के साथ पटाखे जलाते समय इन बातों का रखें ध्यान
बच्चों को कभी भी पटाखे अकेले न जलाने दें. इसके लिए खुले स्थान का चुनाव करें और आसपास पानी की बाल्टी या रेत रखें. ढीले और सिंथेटिक कपड़ों की जगह सूती और शरीर से फिट कपड़े पहनाएं. पटाखे जलाते समय चेहरे को उनसे दूर रखें और जल चुके पटाखे को दोबारा जलाने की कोशिश न करें. अगर किसी तरह की जलने की चोट लगती है तो प्रभावित हिस्से को करीब 20 मिनट तक ठंडे बहते पानी के नीचे रखें और जरूरत पड़ने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें. याद रखें, बच्चों के लिए सबसे सुरक्षित विकल्प बिना आग और चिंगारी वाली सजावटी लाइट्स हैं.
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