एशियन गेम्स: कबड्डी में 2 मेडल कंफर्म, भारत को मिल सकते हैं दो और गोल्ड

22f581bbc0e4e7087a37bba6dd10eea31790320202546143 original


2026 एशियन गेम्स में अब तक (खबर लिखे जाने तक) भारत ने 19 मेडल जीत लिए हैं. इसमें सिर्फ दो गोल्ड हैं, लेकिन अब गोल्ड में इजाफा कंफर्म माना जा रहा है. दरअसल, भारत की पुरुष और महिला, दोनों कबड्डी टीम ने मेडल कंफर्म कर लिए हैं. दोनों ही डिफेंडिंग चैंपियन हैं. ऐसे में दोनों से ही गोल्ड मेडल की पूरी उम्मीद है. 

भारत की पुरुष और महिला कबड्डी टीम ने शुक्रवार को एशियाई खेलों के फाइनल में जगह बनाकर अपना स्वर्ण पदक (गोल्ड मेडल) बरकरार रखने की तरफ मजबूत कदम बढ़ाए. मौजूदा चैंपियन भारतीय महिला टीम ने नेपाल पर 48-24 से जीत हासिल की. जिस तरह से वह अब चौथी बार स्वर्ण पदक हासिल करने से केवल एक जीत दूर है. 

भारत की पुरुष टीम भी मौजूदा चैंपियन है. उसने सेमीफाइनल में थाईलैंड के खिलाफ 66-28 से जीत दर्ज करके नौवां स्वर्ण पदक जीतने की अपनी उम्मीदों को पंख लगाए. महिलाओं के मुकाबले में भारत ने पहले हाफ में 31-17 की बड़ी बढ़त बना ली, जिसमें चार ऑल-आउट और चार बोनस अंक शामिल थे. 

नेपाल भारत को पर्याप्त चुनौती नहीं दे सका और दूसरे हाफ में केवल सात अंक ही जुटा सका. इससे पहले महिला टीम ने ग्रुप चरण में ईरान, बांग्लादेश और जापान को हराया था. पुरुषों के मैच में भी कुछ इसी तरह का नजारा देखने को मिला. भारतीय टीम ने पहले हाफ में 37-18 की बढ़त बना ली और अगले हाफ में भी अपनी श्रेष्ठता बरकरार रखी. इन दोनों टीमों के बीच प्रतिभा और अनुभव का अंतर स्पष्ट नजर आ रहा था. इसका अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि भारतीय टीम ने 15 बोनस अंक हासिल किए, जबकि थाईलैंड को केवल पांच बोनस अंक मिले.

भारत की दोनों टीमें फाइनल में ईरान और चीनी ताइपे के बीच होने वाले मुकाबले के विजेताओं से खेलेंगी. महिला कबड्डी को 2010 में पहली बार एशियाई खेलों में शामिल किया गया था और तब से भारत ने इसमें अपना दबदबा बनाए रखा है. पुरुषों की कबड्डी 1990 से एशियाई खेलों का हिस्सा रही है और भारत ने अब तक आठ स्वर्ण पदक जीते हैं. इस प्रतियोगिता में भारत के अलावा स्वर्ण पदक जीतने वाला एकमात्र अन्य देश ईरान है, जो 2018 में चैंपियन बना था. भारतीय टीम को तब कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा था.

यह भी पढ़ें- 

कोच डैरेन सैमी का बड़ा दावा, कहा- वेस्टइंडीज 24 साल से भारत में नहीं जीता, लेकिन…



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *