- ऑयल कंपनियों ने 28 सितंबर के पेट्रोल-डीजल दाम जारी किए.
- दाम रोज अपडेट होते, शहरवार राज्य करों से भिन्न.
- अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने तेल कीमतें घटने का अनुमान लगाया.
ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (HPCL, BPCL और IOCL) ने 28 सितंबर के लिए पेट्रोल और डीजल के नए रेट जारी कर दिए हैं. पेट्रोल-डीजल के रेट रोज सुबह 6 बजे अपडेट किए जाते हैं इसलिए गाड़ी चलाने वालों के लिए यह जरूरी है कि पेट्रोल पंप जाने से पहले अपने शहर में चल रहे रेट को चेक कर लें.
आज दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 102.12 रुपये प्रति लीटर है, जबकि डीजल की कीमत 95.20 रुपये प्रति लीटर है. इसी तरह से मुंबई में पेट्रोल की कीमत 111.18 रुपये और डीजल की कीमत 97.83 रुपये प्रति लीटर है. अलग-अलग शहरों में ईंधन की कीमतों में काफी अंतर होता है. इसके पीछे राज्यों के अपने हिसाब से लगने वाले टैक्स, अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमत, करेंसी में उतार-चढ़ाव जैसे कारक जिम्मेदार होते हैं.
शहरवार चेक करें रेट
| शहर | पेट्रोल की कीमत (प्रति लीटर) | डीजल की कीमत (प्रति लीटर) |
| दिल्ली | 102.12 रुपये | 95.20 रुपये |
| मुंबई | 111.31 रुपये | 97.97 रुपये |
| जमशेदपुर | 106.09 रुपये | 101.23 रुपये |
| चेन्नई | 107.78 रुपये | 99.56 रुपये |
| लखनऊ | 101.86 रुपये | 95.36 रुपये |
| पटना | 113.35 रुपये | 99.36 रुपये |
| कानपुर | 101.78 रुपये | 95.27 रुपये |
| भोपाल | 115.41 रुपये | 100.47 रुपये |
| कोच्चि | 105.71 रुपये | 96.30 रुपये |
ट्रंप ने की तेल की कीमत गिरने की भविष्यवाणी
कच्चे तेल बढ़ती कीमतों के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को पत्रकारों से बात करते हुए दावा किया कि ईरान के साथ चल रहा युद्ध बहुत जल्द ही खत्म हो जाएगा. ट्रंप ने अनुमान लगाया कि जैसे ही ईरान हार मान लेगा और युद्ध समाप्त होगा, वैश्विक बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतें तेजी से नीचे गिर जाएंगी.
इस दौरान ट्रंप ने तनाव के बावजूद रिकॉर्ड स्तर पर कच्चे तेल के उत्पादन का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा, ”हम भारी मात्रा में तेल निकाल रहे हैं. कल रात हमने रिकॉर्ड मात्रा में तेल निकाला, जो युद्ध से पहले निकाले गए तेल से भी ज्यादा है.”
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का यह बयान ईरान के उस शांति प्रस्ताव को खारिज करने के बाद आया, जिसमें दुनिया के सबसे व्यस्त और अहम समुद्री व्यापार मार्ग होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) को फिर से खोलने और युद्धविराम की शर्तें रखी गई थीं. बता दें कि ईरान ने एक 7-दिवसीय कार्ययोजना का प्रस्ताव दिया था, जिसके तहत वह कमर्शियल जहाजों के लिए होर्मुज को खोलने और परमाणु वार्ता फिर से शुरू करने की बात कही थी, बशर्ते अमेरिका अपनी नौसैनिक नाकाबंदी हटाए और ईरान पर लगे प्रतिबंधों में ढील दे.
ईरान के सरकारी स्टूडेंट न्यूज नेटवर्क (SNN) की रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप ने इस समझौते को पूरी तरह नामंजूर करते हुए कहा, “मैं इस समझौते को खारिज करता हूं.” अमेरिका का ऐसा मानना है कि उसके लगाए आर्थिक प्रतिबंधों के चलते ईरान बुरी स्थिति में है इसलिए जल्दी समझौता करना चाहता है.
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