केंद्र सरकार के कर्मचारियों को अपने महंगाई भत्ते का बड़ी ही बेसब्री के साथ इंतजार है. जिसको लेकर अब वो केंद्र सरकार से मांग भी कर रहे हैं कि जल्द से जल्द इस पर फैसला किया जाए. हाल ही में एक कर्मचारी संगठन, कन्फेडरेशन ऑफ सेंट्रल गवर्नमेंट एम्प्लॉइज एंड वर्कर्स ने केंद्र सरकार से जुलाई 2026 से मिलने वाले महंगाई भत्ते (DA) और महंगाई राहत (DR) पर जल्द फैसला लेने की मांग की है.
इसको लेकर संगठन ने 24 सितंबर को वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग को एक पत्र भी लिखा है. जिसके जरिए संगठन ने कहा है कि महंगाई से जुड़े जरूरी CPI आंकड़े और तय फॉर्मूला उपलब्ध किए जाए, साथ ही साथ डीए/डीआर बढ़ाने की प्रक्रिया को भी जल्द से जल्द पूरा किया जाए.
क्या लिखा है पत्र में?
इस पत्र में कर्मचारी संगठन ने कहा है कि, महंगाई भत्ता (DA) साल में दो बार बढ़ाया जाता है. इसे बढ़ाने के लिए अलग-अलग वेतन आयोगों की सिफारिशों के आधार पर तय फॉर्मूले का इस्तेमाल किया जाता है. इसका मुख्य उद्देश्य महंगाई और रोजमर्रा की चीजों की बढ़ती कीमतों का असर कम करना है. इसके अलावा पेंशनरों का DR भी आमतौर पर साल में दो बार जनवरी और जुलाई में बदला जाता है. जिससे कि बढ़ती महंगाई और रोजमर्रा की चीजों की बढ़ती कीमतों का असर कम हो सके. पिछले कुछ समय में यानी जुलाई 2023 से जनवरी 2026 के बीच DA 46 प्रतिशत से बढ़कर 60 प्रतिशत हो गया.
क्यों हो रही जल्दी फैसले क मांग?
कर्मचारी संगठन का कहना है कि महंगाई की वजह से परिवारों के खर्च बढ़ रहे हैं. पढञाई- लिखाई, ट्रैवल और रोजमर्रा की दूसरी जरूरतों पर ज्यादा पैसा खर्च हो रहा है. ऐसे में डीए/डीआर पर जल्द फैसला होने से कर्मचारियों और पेंशनरों को राहत मिल सकती है. साथ ही त्योहारों का मौसम भी आने वाला है. इसलिए कर्मचारी संगठन चाहता है कि सरकार जल्द फैसला करे.
देरी होने पर क्या असर पड़ेगा?
बता दें कि अगर डीए/डीआर की मंजूरी में देरी होती है, तो बढ़ा हुआ पैसा मिलने में भी देरी हो सकती है. हालांकि, अगर सरकार बढ़ोतरी को मंजूरी देती है, तो ये 1 जुलाई 2026 से लागू होगी और देरी की अवधि का एरियर बाद में दिया जा सकता है.
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