दुर्गा पूजा से पहले दो बोनस… 8वें वेतन आयोग के बीच डाक कर्मियों की बड़ी डिमांड

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  • डाक कर्मचारियों ने 2025-26 PLB का भुगतान जल्द मांगा.
  • त्योहारी खर्चों हेतु 17 अक्टूबर तक भुगतान की अपील की.
  • बोनस गणना की वेतन सीमा 7,000 से 21,000 करने की मांग.
  • यह मांग न्यूनतम मजदूरी में वृद्धि के आधार पर की गई.

डाक विभाग में काम करने वाले केंद्र सरकार के कर्मचारियों ने 2025-26 के लिए अपने प्रोडक्टिविटी लिंक्ड बोनस (PLB) का भुगतान जल्द करने की मांग की है. डाक कर्मचारी यूनियनों ने सरकार से दुर्गा पूजा से पहले बोनस जारी करने को कहा है. साथ ही, कर्मचारी संगठन 8वें वेतन आयोग के तहत बोनस को कैलकुलेट करने के तरीके में भी बड़े बदलाव की मांग कर रहे हैं.

त्योहारों से पहले मिले बोनस

सात डाक कर्मचारी यूनियनों के संगठन ‘जॉइंट काउंसिल ऑफ पोस्टल एम्प्लॉइज’ (JCPE) ने 26 सितंबर को डाक विभाग के सचिव को पत्र लिखकर मांग की कि पात्र कर्मचारियों को 2025-26 का PLB 17 अक्टूबर तक दे दिया जाए. काउंसिल ने बताया कि इस साल दुर्गा पूजा 17 अक्टूबर से शुरू हो रही है और दशहरा 21 अक्टूबर को मनाया जाएगा. दीवाली इसके बाद 8 नवंबर 2026 को है. यूनियनों का कहना है कि इन बड़े त्योहारों में कर्मचारियों और उनके परिवारों के कई खर्चे होते हैं. ऐसे में इन्हें समय पर वित्तीय मदद की बेहद जरूरत है. JCPE ने कहना है कि त्योहारों के मौसम में खर्च काफी बढ़ जाते हैं. ऐसे में कर्मचारियों को पहले ही बोनस मिलने की उम्मीद हैं और विभाग से 17 अक्टूबर तक भुगतान की व्यवस्था करने का अनुरोध किया गया है.

वेज सीलिंग में भी बदलाव की मांग

जल्द पेमेंट की मांग के साथ-साथ बोनस कैलकुलेट करने के लिए इस्तेमाल होने वाली वेज सीलिंग (वेतन सीमा) को भी बदलने की मांग की जा रही है.

श्रम और रोजगार मंत्रालय ने ‘कोड ऑन वेजेज, 2019’ के तहत 25 अगस्त को एक नोटिफिकेशन जारी किया. इसमें कहा गया कि अगर किसी योग्य कर्मचारी का वेतन 7,000 रुपये प्रति माह से ज्यादा है, तो बोनस की कैलकुलेशन 7,000 या केंद्र सरकार द्वारा तय न्यूनतम वेतन (इनमें से जो भी ज्यादा हो) के आधार पर की जाएगी. यह नोटिफिकेशन 21 नवंबर 2025 से लागू माना गया.

नेशनल काउंसिल-जॉइंट कंसल्टेटिव मशीनरी (NC-JCM) के स्टाफ पक्ष ने कैबिनेट सेक्रेटरी को पत्र लिखकर बोनस कैलकुलेशन की सीमा को 7,000 से बढ़ाकर 21,000 करने की मांग की है. नए नियमों के मुताबिक, यदि किसी योग्य कर्मचारी का वेतन 7,000 रुपये प्रति माह से अधिक है, तो बोनस की गणना 7,000 या केंद्र सरकार द्वारा तय न्यूनतम मजदूरी (Minimum Wage)- जो भी अधिक हो-के आधार पर की जानी चाहिए.

चूंकि केंद्र सरकार ने अपनी संशोधित रूपरेखा में न्यूनतम मजदूरी को बढ़ाकर 21,000 रुपये प्रति माह संदर्भित किया है, इसलिए NC-JCM ने तर्क दिया है कि बोनस कैलकुलेशन की सीमा (Ceiling Limit) को भी तुरंत 7,000 से बढ़ाकर 21,000 रुपये किया जाए. अगर सरकार की तरफ से NC-JCM की इस डिमांड को मंजूरी मिल जाती है, तो केंद्रीय और डाक कर्मचारियों का बोनस आधार तीन गुना बढ़ जाएगा, जिससे त्योहारी सीजन में उनके हाथ में आने वाली रकम काफी बड़ी होगी.

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