- केंद्रीय कर्मचारियों/पेंशनभोगियों को अक्टूबर में 5% डीए वृद्धि अपेक्षित.
- अगस्त AICPI-IW 1.2 अंक उछलकर 154.4 पर पहुंचा.
- इस उछाल से अनुमानित डीए स्कोर 65.04% हो गया.
- पहले केवल 3% डीए बढ़ोतरी का ही अनुमान था.
केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स को अक्टूबर महीने का बेसब्री से इंतजार है क्योंकि इस दौरान सरकार उनके महंगाई भत्ते (DA) का ऐलान कर सकती है. इस बार DA में 5% की बढ़ोतरी की उम्मीदें लगाई जा रही हैं.
ऐसा इसलिए क्योंकि कल यानी कि बुधवार, 30 सितंबर को लेबर ब्यूरो ने अगस्त 2026 के लिए अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक- औद्योगिक श्रमिक(AICPI-IW) के आंकड़े जारी कर दिए हैं, जिसमें 1.2 अंक का बड़ा उछाल आया है और अब यह बढ़कर सीधे 154.4 अंक पर पहुंच गई है. AICPI-IW इंडेक्स में आई इस लंबी छलांग के बाद अब अनुमानित डीए का स्कोर पहली बार 65.04% के स्तर पर पहुंच गया है. इसी के चलते अब केंद्रीय कर्मचारी डीए में 5% की भारी बढ़ोतरी होने की उम्मीदें लगा रहे हैं.
अब तक 3% बढ़ोतरी की थी उम्मीद
फिलहाल सभी केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को 60% की दर से डीए का भुगतान किया जा रहा है, जो जनवरी से लागू हुआ था. अब तक जुलाई महीने के लिए डीए में 3% बढ़ोतरी की उम्मीदें लगाई जा रही थीं क्योंकि सरकारी नियमों के अनुसार, 1 जुलाई 2026 से लागू होने वाले अगले डीए का फैसला जुलाई 2025 से लेकर जून 2026 तक के AICPI-IW आंकड़ों को आधार पर लिया जाता है.
जून 2026 में इंडेक्स में 1.1 अंक की बढ़ोतरी हुई थी, जिससे यह 151.9 पर पहुंच गया था. इसी के साथ पूरे 12 महीनों का औसत 148.65 अंक बन रहा था. अब इसी आंकड़े को जब 7वें वेतन आयोग के तय फॉर्मूले में डाला जाता है, तो डीए का सटीक आंकड़ा 3% की बढ़ोतरी के साथ 63.76% बैठता है.
चूंकि सरकारी नियमों के तहत महंगाई भत्ते का भुगतान हमेशा पूर्ण प्रतिशत या Whole Number में किया जाता है इसलिए दशमलव को छोड़ दिया जाता है. यानी कि आंकड़ा 63.76% होने के बावजूद इसे नियमों के मुताबिक 63% ही माना जाएगा.
5% हाइक के बाद कितनी बढ़ जाएगी सैलरी?
अगर सरकार लेबर ब्यूरो द्वारा जारी अगस्त के इंडेक्स के आधार पर डीए में 5% की भारी बढ़ोतरी करती है, तो 18,000 की मिनिमम बेसिक सैलरी पर डीए अभी के 10,800 से बढ़कर 11,700 हो जाएगा. यानी कि सीधे 900 रुपये का फायदा होगा. वहीं, लेवल 10 की 56,100 बेसिक सैलरी पर मासिक डीए 33,660 रुपये से बढ़कर 36,465 रुपये हो जाएगा. यानी कि हर महीने 2,805 रुपये बढ़कर मिलेंगे.
ये भी पढ़ें:
1 अक्टूबर से 62 रुपए महंगा हुआ LPG सिलेंडर, अब कितने का मिलेगा?