अब 9वीं के छात्र पढ़ेंगे Income Tax, NCERT का सिर्फ नई व्यवस्था पर फोकस

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NCERT ने हाल ही में कक्षा 9वीं की नई किताबें जारी की है.  NCERT ने पहले गणित और अब सामाजिक विज्ञान की किताब जारी की है. वहीं अब कक्षा 9 के छात्रों को पढ़ाई के दौरान सिर्फ गणित, विज्ञान या सामाजिक विज्ञान के पारंपरिक विषय ही नहीं, बल्कि पर्सनल फाइनेंस और इनकम टैक्स से जुड़ी जानकारी भी मिलेगी. NCERT ने कक्षा 9 की नई सामाजिक विज्ञान की एक किताब में व्यक्तिगत आयकर को भी शामिल किया गया है. इसमें छात्रों को नई टैक्स व्यवस्था के तहत अलग-अलग स्लैब के आधार पर टैक्स की गणना समझाई गई है. आपको बता दें कि NCERT ने अभी कक्षा 9 की सोशल साइंस किताब का दूसरा भाग जारी किया है, जबकि पहला भाग जून में जारी किया गया था. नई किताब में मैनेजिंग योर पर्सनल फाइनेंस नाम से एक अध्याय दिया गया है, जिसमें कम उम्र से ही पैसों के सही प्रबंधन को समझाने पर जोर दिया गया है. 

इस अध्याय की खास बात यह है कि इसमें कक्षा 9 के छात्रों को नई आयकर व्यवस्था के टैक्स स्लैब के हिसाब से वास्तविक टैक्स कैलकुलेशन समझाया गया है. NCERT प्रमुख दिनेश प्रसाद सकलानी के अनुसार इस आयु के छात्रों के लिए इस तरह से टैक्स की गणना को पाठ्यक्रम में शामिल करना पहली बार हुआ है. किताब में बताया गया है कि भारत में आयकर की गणना स्लैब सिस्टम के आधार पर होती है. इसके बाद नई टैक्स व्यवस्था के स्लैब की एक तालिका दी गई है और उसी के आधार पर टैक्स देनदारी निकलने की प्रक्रिया समझाइ गई है. खास बात यह है कि इस अध्याय में पुरानी टैक्स व्यवस्था का कोई जिक्र नहीं किया गया है यानी छात्रों को पर्सनल आयकर के बारे में जानकारी देते समय फोकस सिर्फ नई व्यवस्था पर रखा गया है. 

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टैक्स की जानकारी सिर्फ गणना तक सीमित नहीं 

NCERT ने टैक्स की जानकारी को केवल गणना तक सीमित नहीं रखा. अध्याय में टैक्स पेमेंट को नागरिक जिम्मेदारी से भी जोड़ा गया. छात्रों को बताया गया है कि ईमानदारी से और समय पर टैक्स चुकाना हर नागरिक की जिम्मेदारी है और इससे देश के विकास के लिए संसाधन उपलब्ध होते हैं. वहीं किताब में यह भी बताया गया है कि पैसों को संभालने की समझ बचपन से विकसित होनी चाहिए. वित्तीय प्रबंधन का मतलब केवल ज्यादा कमाई करना नहीं, बल्कि खर्च, बचत, निवेश, खतरे से सुरक्षा, सामाजिक जिम्मेदारी से उधार लेने और टैक्स पेमेंट जैसे फैसलों को समझना भी इसका हिस्सा है. 

पर्सनल फाइनेंस के यह पहलू भी पढ़ेंगे छात्र 

इस अध्याय में पिलर्स ऑफ पर्सनल फाइनेंस के तहत व्यक्तिगत वित्त के अलग-अलग हिस्सों को समझाया गया है. इसमें आय, बजट बनाना, बचत, निवेश और सुरक्षा एवं खतरे का प्रबंध शामिल है. इसके अलावा शुरुआती निवेश की अहमियत बताते हुए फिक्स्ड डिपॉजिट, बॉन्ड, स्टॉक और म्युचुअल फंड जैसे निवेश ऑप्शन का भी जिक्र किया गया है. किताब के अनुसार व्यक्ति आज जो वित्तीय फैसला लेता है, इसका असर उनके फ्यूचर पर की आर्थिक स्थिरता पर भी पड़ता है. ‌

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