पेट्रोल-डीजल की बंपर बिक्री, लेकिन गैस सुस्त, क्यों घटी LPG की खपत?

75c2c477fedff7724b3197232d27c8dc17909222457961216 original


Show Quick Read

Key points generated by AI, verified by newsroom

  • डीजल बिक्री 4.86%, पेट्रोल 7.21% बढ़ी; पीपीएसी आंकड़े।

ये तो सभी जानते हैं कि रोजमर्रा की जिंदगी के लिए अलग-अलग ईंधन की जरूरत पड़ती है, जैसे आपके भी घर में एलपीजी सिलेंडर का इस्तेमाल किया जाता होगा और वहीं रोजाना काम पर या दूसरी जगह जाने के लिए वाहन के लिए पेट्रोल-डीजल की जरूरत होती होगी. अब बड़ी बात ये है कि जब ये ईंधन लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी का अहम हिस्सा है तो इनके इस्तेमाल का ट्रेंड एक जैसा क्यों नहीं रहा है?

दरअसल, इस बीच पेट्रोल-डीजल की मांग में बढ़ोतरी देखने को मिली है और वहीं अगर बात करें एलपीजी की तो इसकी खपत में बड़ी गिरावट देखने को मिली है. ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर इनके पीछे कारण क्या है? आखिर क्यों पेट्रोल डीजल की बिक्री बढ़ी है और एलपीजी की खपत में गिरावट आई है.

सितंबर के आंकड़ों पर मारे नजर

पेट्रोलियम प्लानिंग एंड एनालिसिस सेल यानी PPAC के शुरुआती आंकड़ों के मुताबिक, सितंबर में एलपीजी, पेट्रोल और डीजल के पिछले साल की बिक्री के मुकाबले में बड़ा अंतर देखने को मिला है. 

LPG की बिक्री में कितनी गिरावट आई?

एलपीजी की खपत पिछले साल के मुकाबले 9.15 प्रतिशत कम हुई है और अब गिरावट के बाद 2.64 मिलियन टन रह गई. यानी एलपीजी की खपत में काफी गिरावट देखने को मिली है. ऐसे में सवाल तो सबसे बड़ा यही है कि आखिर एलपीजी की खपत क्यों कम हुई?

LPG की खपत कम होने के पीछे क्या है कारण?

मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के कारण देश में गैस की सप्लाई पर गहरा असर पड़ा था और भारत एलपीजी का बड़ा हिस्सा दूसरे देशों से मंगाता है, लेकिन तनाव के कारण एलपीजी की उपलब्धता और सप्लाई पर भी दबाव बढ़ा, जिसके बाद कई बार एलपीजी सिलेंडर के दाम में भी बढ़ोतरी देखने को मिली और वहीं रिफिल बुकिंग की समय सीमा को भी बढ़ाया गया था. यही कारण है कि अब सरकार एलपीजी पर निर्भरता कम करने की तरफ अहम कदम उठा रही है. 

पेट्रोल-डीजल की बिक्री बढ़ी

  • डीजल की बिक्री की बात करें तो पिछले साल के मुकाबले डीजल की बिक्री 4.86 प्रतिशत बढ़कर 7.12 मिलियन टन पहुंच गई.
  • इसके साथ ही पेट्रोल की बिक्री भी बढ़ी है. पिछले साल की तुलना में पेट्रोल की बिक्री 7.21 प्रतिशत बढ़कर 3.64 मिलियन टन हो गई.
  • यानी एक तरफ एलपीजी की खपत में गिरावट आई है तो वहीं दूसरी तरफ पेट्रोल डीजल की बिक्री में बढ़ोतरी देखने को मिली है.

क्या LPG का कम इस्तेमाल हो रहा है?

देश में एलपीजी की खपत सितंबर में पिछले साल की तुलना में 9.15 प्रतिशत घटकर 2.64 मिलियन टन रह गई है. लेकिन ऐसे में ये नहीं कहा जा सकता है कि अब लोगों के घरों में एलपीजी का इस्तेमाल होना ही कम हो गया है. आज भी देश में बड़ी संख्या में लोग खाना बनाने के लिए घरेलू 14.2 किलो वाले एलपीजी सिलेंडर का इस्तेमाल कर रहे हैं. हां, पिछले साल के मुकाबले खपत कम होने की एक वजह मिडिल ईस्ट में तनाव के कारण उपलब्धता और सप्लाई पर पड़ा असर है.

Amazon- Flipkart ने बेच दिए बिना लाइसेंस वाले CCTV कैमरे, उल्लंघन पर मचा हड़कंप



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *