क्या रिटायरमेंट के लिए 1.5 करोड़ काफी हैं? NPS के नए सर्वे ने बताया सच

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रिटायरमेंट के बाद अपनी जिंदगी को पहले की ही तरह जीने के लिए लोग बचत करते हैं. जिससे कि रिटायरमेंट के बाद उन्हें किसी भी परिस्थिति में समझौता ना करना पड़े. लेकिन क्या इसके लिए डेढ़ करोड़ की रकम काफी है? इस बात का खुलासा हाल ही में एक सर्वे के दौरान हुआ है.

दरअसल भारत में लोग अब नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) में पहले के मुकाबले ज्यादा दिलचस्पी दिखा रहे हैं. लेकिन रिटायरमेंट के बाद के लिए कितनी बचत काफी इस बारे में काफी कंफ्यूजन है. ऐसे में हाल ही में HDFC पेंशन फंड मैनेजमेंट की 2026 NPS प्रिफरेंस इंडेक्स की टीम ने एक सर्वे किया है. जिसमें खुलासा हुआ है कि, लोगों ने रिटायरमेंट के लिए करीब 1.5 करोड़ का फंड काफी माना है.

बढ़ गया है लक्ष्य
इससे पहले इसी सर्वे रिपोर्ट में साल 2023 में लोगों ने इस लक्ष्य को करीब 1.34 करोड़ बताया था. इसका मतलब है कि तीन साल में लोगों का रिटायरमेंट फंड का लक्ष्य बढ़ गया है. हालांकि, रिपोर्ट के मुताबिक ये रकम अभी भी रिटायरमेंट के बाद पर्याप्त आर्थिक सुरक्षा के लिए जरूरी रकम से कम हो सकती है. लोगों का औसत रिटायरमेंट लक्ष्य उनके औसत सालाना घरेलू खर्च या आय से 10 गुना से भी कम है.

NPS में बढ़ी दिलचस्पी
तो वहीं NPS को लेकर लोगों की दिलचस्पी बढ़ी है. इसका NPS प्रिफरेंस इंडेक्स साल 2023 में 54 था, जो साल 2026 में बढ़कर 57 हो गया है. इसमें NPS को लेकर लोगों की जानकारी, पसंद और इसे अपनाने पर विचार करने की इच्छा को देखा जाता है. NPS पर विचार करने वाला कंसिडरेशन स्कोर 6 अंक बढ़कर 59 हो गया. वहीं, NPS के बारे में जानकारी बढ़कर 58 और इसका अपील स्कोर 56 रहा.

ये है NPS में निवेश की बड़ी वजह
इस सर्वे में इस बात का भी खुलासा हुआ है कि, NPS में हाल में हुए बदलाव लोगों को इसमें निवेश करने के लिए सबसे ज्यादा प्रभावित कर रहे हैं. करीब 39% लोगों ने इसे NPS लेने की वजह बताया है. इसके बाद 38% लोगों ने टैक्स बचत और 36% लोगों ने बेहतर रिटर्न की उम्मीद को NPS में निवेश की वजह बताया.

हालांकि NPS में कुछ चीजें लोगों को रोक भी रही हैं. करीब 26% लोगों ने पैसे लॉक रहने की अवधि को परेशानी बताया, जबकि 25% लोगों ने अनिवार्य एन्युटी खरीदने की शर्त को बाधा माना. दिलचस्प बात ये है कि NPS के बारे में जानकारी की कमी अब पहले जितनी बड़ी समस्या नहीं है.

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