CUET UG की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए आने वाला साल परीक्षा के लिए अहम हो सकता है. नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) परीक्षा के मौजूदा पैटर्न में बदलाव की तैयारी कर रही है, जिसका उद्धेश्य एग्जाम प्रक्रिया को आसान और कम समय लेने वाला बनाना है. प्रस्तावित व्यवस्था में छात्रों को परीक्षा केंद्र पर बार-बार जाने की परेशानी से राहत मिल सकती है.
नए पैटर्न के तहत एक छात्र की परीक्षा एक ही दिन में पूरी कराने की योजना पर विचार किया जा रहा है. इसके अलावा प्रश्नों की संख्या और प्रत्येक पेपर के लिए निर्धारित समय भी कम किया जा सकता है. हालांकि, इन बदलावों को लेकर अंतिम फैसला और आधिकारिक गाइडलाइंस जारी होना अभी बाकी है. ऐसे में आइए जानते हैं क्या है पूरा मामला.
एक ही दिन में पूरी परीक्षा का प्लान
मौजूदा व्यवस्था में छात्र अपने चुने हुए विषयों के अनुसार अलग-अलग दिन परीक्षा देते हैं. अधिकतम पांच विषय चुनने वाले स्टूडेंट्स को परीक्षा के लिए दो या तीन बार परीक्षा केंद्र तक जाना पड़ता है. इससे आने-जाने का खर्च, समय और लॉजिस्टिक परेशानी बढ़ती है. प्रस्तावित बदलाव के बाद एक स्टूडेंट की सभी परीक्षाएं एक ही दिन में पूरी कराने की तैयारी है. CUET की परीक्षा विंडो भले ही करीब 12 से 15 दिनों की हो, लेकिन प्रत्येक छात्र को इसी अवधि में किसी एक दिन परीक्षा देने का स्लॉट मिल सकता है. इससे स्टूडेंट्स को बार-बार परीक्षा केंद्र बदलने या अलग-अलग तारीखों पर यात्रा करने की परेशानी कम होगी.
60 मिनट की जगह 40-45 मिनट का पेपर
CUET UG के मौजूदा पैटर्न में प्रत्येक विषय के पेपर के लिए 60 मिनट का समय निर्धारित है. नए प्रस्ताव में इसे घटाकर करीब 40 से 45 मिनट करने पर विचार किया जा रहा है. समय कम होने का सीधा असर प्रश्नों की संख्या पर भी पड़ेगा. अभी एक विषय के पेपर में 50 प्रश्न होते हैं. प्रस्तावि पैटर्न में इनकी संख्या घटकर करीब 35 से 40 प्रश्न हो सकती है. यानी परीक्षा छोटी होगी, लेकिन स्टूडेंट्स को सीमित समय में ज्यादा सही तरीके से सवाल सॉल्व करने होंगे.
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पांच की जगह चार विषयों का विकल्प
CUET UG में फिलहाल स्टूडेंट अधिकतम पांच विषय चुन सकते हैं. हालांकि, नए पैटर्न के साथ विषयों की संख्या को लेकर भी समीक्षा की जा रही है. रिपोर्ट के मुताबिक यूजीसी और एनटीए के स्तर पर यह संभावना देखी जा रही है कि अधिकतम विषयों की संख्या पांच से घटाकर चार की जाए या नहीं. अगर पांच विषयों का विकल्प रहता है और प्रत्येक पेपर 40 मिनट का होता है, तो छात्र करीब 200 मिनट यानी 3 घंटे 20 मिनट में अपनी पूरी परीक्षा कर सकता है. चार विषयों की स्थिति में परीक्षा लगभग 160 मिनट में खत्म हो सकती है.
कम आवेदन वाले PG कोर्स पर भी असर
बदलाव सिर्फ CUET UG तक सीमित नहीं रह सकता. CUET PG में भी कम आवेदन वाले विषयों को परीक्षा से बाहर रखने की योजना पर विचार किया जा रहा है. जिन पाठ्यक्रमों में उपलब्ध सीटों की तुलना में आवेदन कम होंगे, वहां प्रवेश परीक्षा कराने के बजाय मेरिट के आधार पर एडमिशन का विकल्प अपनाया जा सकता है. रिपोर्ट के अनुसार ऐसे कई विषय हैं जिनमें पिछले वर्षों में दूसरे विषय के मुकाबले कम आवेदन आए हैं.
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