
तकिए की गहरी सफाई शुरू करने से पहले उस पर चढ़ा हुआ कवर उतार लें. इसके बाद तकिए को दोनों हाथों से अच्छी तरह से थपथपाएं या झाड़ें, ताकि उसकी ऊपरी सतह पर जमी धूल, बाल और डेड स्किन सेल्स काफी हद तक साफ हो जाएं. ऐसा करने से आगे की वाशिंग प्रोसेस बहुत आसान हो जाती है.

तकिए के अंदर जमे पसीने की गंध और बैक्टीरिया को मारने के लिए हमेशा गुनगुने पानी का ही इस्तेमाल करें. यदि आप मशीन में धो रहे हैं, तो जेंटल साइकिल मोड चुनें. हल्के गर्म पानी से तकिए के अंदर छिपी हुई गंदगी बहुत आसानी से ढीली होकर बाहर निकल जाती है.

तकिए पर पड़े पीले दागों को हटाने के लिए लिक्विड डिटर्जेंट के साथ आधा कप बेकिंग सोडा और आधा कप सफेद सिरका मिलाएं. बेकिंग सोडा तकिए के पीलेपन को काटता है और सिरका उसमें से आने वाली हर तरह की दुर्गंध और हानिकारक बैक्टीरिया को जड़ से खत्म कर देता है.

तकिए को धोने के लिए कभी भी कड़े वाशिंग पाउडर का इस्तेमाल न करें, क्योंकि इसके कण तकिए के अंदर फंस सकते हैं. इसकी जगह हमेशा माइल्ड लिक्विड डिटर्जेंट का ही चुनाव करें. लिक्विड डिटर्जेंट पानी में पूरी तरह घुल जाता है और तकिए के रेशों को बिना कोई नुकसान पहुंचाए गहराई से साफ करता है.

धुलाई के बाद तकिए को साफ पानी से कम से कम दो बार अच्छी तरह से खंगालना बेहद जरूरी है. तकिए का मटीरियल स्पंज की तरह होता है, जो साबुन को सोख लेता है. इसलिए यह सुनिश्चित करें कि निचोड़ते समय उसमें से पूरा साबुन बाहर निकल जाए, नहीं तो सूखने के बाद तकिए में कड़ापन आ सकता है.

धोने के बाद तकिए को किसी समतल और हवादार जगह पर फैलाकर सुखाएं. धूप दिखाने के साथ-साथ यह पक्का कर लें कि तकिया अंदर तक पूरी तरह सूख चुका हो. अगर तकिए के भीतर थोड़ी सी भी नमी या गीलापन रह जाएगा, तो उसमें फंगस लगने और दोबारा बदबू आने का खतरा बढ़ जाता है.
Published at : 04 Oct 2026 02:19 PM (IST)