Amazon-Flipkart- JioMart को लगा तगड़ा झटका, हर्बीसाइड बेचने पर 10-10 लाख का जुर्माना

eeb628484de83eae473392552af8064417904853980751435 original


ऑनलाइन खरीदारी करने वालों के लिए एक बड़ी खबर है. केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण ने अमेजन, फ्लिपकार्ट और जियोमार्ट पर कार्रवाई की है. तीनों ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर बिना पंजीकरण वाले कृषि-रसायन उत्पाद को बेचने और उसका एड लगाने का आरोप है. 

इस मामले पर कार्यवाई करते हुए सीसीपीए ने अमेजन और फ्लिपकार्ट पर 10-10 लाख रुपए और जियोमार्ट पर 5 लाख रुपए का जुर्माना लगाया है. मामला ‘साइक्लोसिनोन हर्बीसाइड’ नाम के उत्पाद को बेचने और एड लगाने का है. 

क्यों हुई कार्रवाई?
सीसीपीए के मुताबिक, इन तीनों ही प्लेटफॉर्म पर साइक्लोसिनोन हर्बीसाइड की बिक्री हो रही थी, लेकिन सक्रिय रासायनिक तत्व का नाम और साथ ही उसकी इंग्रिडिएंट की जानकारी नहीं दी गई थी.

जांच के दौरान कृषि मंत्रालय ने सीसीपीए को बताया कि साइक्लोसिनोन नाम का कोई रसायन कीटनाशक अधिनियम, 1968 की अनुसूची में शामिल नहीं है. ऐसे में साइक्लोसिनोन हर्बीसाइड को बेचने और मार्केटिंग करने पर जांच और मंजूरी को लेकर सवाल उठे हैं. 

किस पर कितना जुर्माना?

  • अमेजन- 10 लाख रुपए
  • फ्लिपकार्ट- 10 लाख रुपए
  • जियोमार्ट- 5 लाख रुपए

सीसीपीए के आदेश रिकॉर्ड के मुताबिक अमेजन पर आदेश 16 सितंबर 2026 का है, जबकि फ्लिपकार्ट और जियोमार्ट पर 22 सितंबर 2026 को आदेश दिया गया है.

किसने की शिकायत? 
इस मामले की शुरुआत तब हुई जब कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय ने शिकायत की. ये शिकायत असल में क्रॉप केयर फेडरेशन ऑफ इंडिया की ओर से की गई थी.

जांच में सामने आया कि कीटनाशक और खरपतवारनाशक जैसे कृषि-रसायनों की बिक्री और इस्तेमाल के लिए कानून के कुछ नियमों का पालन जरूरी है. सीसीपीए ने बताया कि साइक्लोसिनोन हर्बीसाइड की ऑनलाइन लिस्टिंग में जरूरी जानकारी भी नहीं दी गई थी. 

अमेजन को कितने मिले ऑर्डर?
आदेश में सीसीपीए ने बताया कि अमेजन पर  अबतक साइक्लोसिनोन हर्बीसाइड के 38,410 ऑर्डर हुए थे और कुल 43,634 यूनिट की बिक्री हुई है. इनकी कुल बिक्री कीमत 96.42 लाख रुपए बताई गई है.

सीसीपीए ने क्या दिया आदेश?
सीसीपीए ने अमेजन, फ्लिपकार्ट और जियोमार्ट को साइक्लोसिनोन हर्बीसाइड की बिक्री और एड तुरंत बंद करने का निर्देश दिया है. इसके अलावा तीनों कंपनियों को अपने प्लेटफॉर्म का स्व-ऑडिट करने को कहा गया है.

इससे ऐसे उत्पादों की पहचान होगी है जो कानून का उल्लंघन करते हैं या जिनसे लोगों की सुरक्षा को खतरा हो सकता है. कंपनियों को आदेश के 15 दिनों के भीतर रिपोर्ट भी जमा करनी होगी.   

आज LPG सिलेंडर का रेट क्या है? जानें आपके शहर में कितनी है गैस सिलेंडर की कीमत



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *