एयरलाइंस ने सरकार को दी रूट कटौती की चेतावनी, टैक्स में राहत की मांग

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भारत में महंगाई तेजी से बढ़ रही है, जिसका असर आम जनता पर तो पड़ ही रहा है, इसी के साथ ट्रैवल, खाना-पीना आदि चीजों पर भी पड़ रहा है. तेल, गैस और अन्य खाने- पीने की चीजों के दाम लगातार बढ़ रहे हैं. कुछ दिन पहले ही फ्लाइट्स में डलने वाला फ्यूल यानी ATF(एविएशन टर्बाइन फ्यूल) की कीमतें भी बढ़ी हैं, जिससे जनता ही नहीं बल्कि तमाम एयरलाइंस भी काफी परेशान हो रही हैं. जिसके चलते उन्होंने सरकार को भी चेतावनी दी है कि यदि हालात ऐसे ही बने रहे तो वो अपने रूट्स में कटौती करने पर मजबूर होंगे.

दरअसल इन एयरलाइंस ने नागरिक उड्डयन मंत्रालय को बताया है कि विमान चलाने का खर्च लगातार बढ़ रहा है. महंगा ATF, हवाई क्षेत्र पर लगी पाबंदियां, क्रू का खर्च और रुपये की कमजोर होती कीमत से एयरलाइंस की आर्थिक स्थिति पर दबाव बढ़ रहा है.

सरकार को दी चेतावनी
इन्हीं सब परेशानियों को देखते हुए एयरलाइंस ने सरकार के चेतावनी दे डाली है. FIA यानी फेडरेशन ऑफ इंडियन एयरलाइंस ने साफ कहा है कि अगर सरकार ने जल्द राहत नहीं दी, तो उन्हें कुछ ऐसे रूट बंद करना पड़ सकते हैं, जिन पर उड़ान चलाना अब फायदे का सौदा नहीं रह गया है.

ATF का खर्च बना परेशानी
फेडरेशन ऑफ इंडियन एयरलाइस (FIA) ने 25 सितंबर को नागरिक उड्डयन मंत्रालय को पत्र भेजा था. जिसमें FIA ने एयर इंडिया, इंडिगो और स्पाइसडेट जैसी बड़ी एयरलाइंस का नाम लिखते हुए बताया है कि पहले विमान ईंधन यानी ATF का खर्च एयरलाइंस की कुल लागत का करीब 30-40% होता था. अब ये बढ़कर 55-60% तक पहुंच गया है.

दिल्ली में ATF की कीमत जुलाई से करीब 25% बढ़कर लगभग 110 रुपये प्रति लीटर से 137 रुपये प्रति लीटर हो गई है. अकेले अक्टूबर में ही कीमत में करीब 13% की बढ़ोतरी हुई है.

एयरलाइंस की क्या है मांग?
FIA ने सरकार से ATF की कीमत तय करने का तरीका बदलने की मांग की है. अभी भारत में ATF की कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार के दाम के आधार पर तय होती है. एयरलाइंस चाहती हैं कि इसे कॉस्ट-प्लस मॉडल पर लाया जाए. यानी ईंधन की वास्तविक लागत में एक तय मार्जिन जोड़कर कीमत तय की जाए.

इसके अलावा FIA ने मांग की है कि ATF पर लगने वाले मौजूदा 11% एक्साइज ड्यूटी को प्रतिशत के बजाय एक तय रकम के रूप में लगाया जाए. दिल्ली और महाराष्ट्र में ATF पर 7% VAT जारी रखा जाए. तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, कर्नाटक और तेलंगाना में ATF पर VAT कम किया जाए. घरेलू उड़ानों के लिए लैंडिंग और पार्किंग शुल्क में 25% की छूट तब तक जारी रखी जाए, जब तक पश्चिम एशिया का संकट खत्म नहीं हो जाता.

एक्साइज ड्यूटी भी बदलने की मांग
अभी घरेलू उड़ानों के लिए ATF पर 11% एक्साइज ड्यूटी लगती है. ये टैक्स ईंधन की कीमत के प्रतिशत के हिसाब से तय होता है. इसका मतलब है कि ATF महंगा होगा तो एक्साइज ड्यूटी की रकम भी अपने आप बढ़ जाएगी. FIA चाहती है कि प्रतिशत के आधार पर टैक्स लगाने के बजाय एक तय रकम की एक्साइज ड्यूटी लगाई जाए. जिससे ईंधन महंगा होने पर टैक्स का बोझ भी उसी अनुपात में नहीं बढ़ेगा.

रूट बंद करने की चेतावनी
FIA का कहना है कि एयरलाइंस बढ़ते खर्च के बावजूद देश के अलग-अलग हिस्सों को जोड़ने वाली उड़ानें जारी रख रही हैं. लेकिन लंबे समय तक बढ़ते खर्च को संभालना मुश्किल होगा. अगर सरकार ने जल्द राहत नहीं दी, तो कुछ ऐसे रूट बंद किए जा सकते हैं, जहां उड़ान चलाने का खर्च कमाई से ज्यादा हो रहा है.

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