15 सितंबर को सरकार ने घोषणा की थी कि अब से यूपीआई ट्रांजैक्शन पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) चार्जेस लगाए जाएंगे. ये चार्जेस 15 अक्टूबर से लागू होने वाले हैं. इससे पहले ही RBI के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने इस पर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने अपने बयान में साफ कर दिया है कि इस नई दर के लागू होने से यूपीआी यूपीआई ट्रांजैकेशन पर कोई खास असर नहीं पड़ने वाला है,
उन्होंने कहा है कि ये चार्जेस 2000 रुपये से ज्यादा के मर्चेंट पेमेंट पर लगाए जाएंगे. ऐसे में छोटे पेमेंट्स के ऊपर इसका कोई असर नहीं पड़ने वाला है. छोटे पेमेंट्स जैसे अब तक होते आए हैं वैसे ही होते रहेंगे.
RBI गवर्नर का बयान
दरअसल बुधवार को RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने ये बयाज जारी किया है. उन्होंने इसे लेकर अपने बयान में कहा है कि, ‘फिलहाल हमें लेनदेन की मात्रा में कोई गिरावट नहीं दिख रही है. और मुझे व्यक्तिगत रूप से नहीं लगता कि मामूली शुल्क का लेनदेन की मात्रा पर कोई बड़ा असर पड़ेगा.’ ये बात उन्होंने एमडडीआर चार्जेस के कारण यूपीआई ट्रांजैक्शन की मात्रा कम होने के सवाल पर जवाब देते हुए कहा था.
कितना लगेगा MDR चार्ज?
पिछले महीने की 15 तारीख को ही भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (NPCI) ने व्यापारियों को होने वाले 2000 रुपये से ज्यादा के यूपीआई लेनदेन पर 0.4% एमडीआर लगाने की घोषणा की थी. ये शुल्क व्यापारियों से लिया जाएगा, ना कि इसका असर ग्राहकों पर पड़ने वाला है. ये चार्जेस केवल पर्सन टू मर्चेंट के लिए ही लागू होंगे. पर्सन टू पर्सन ट्रांजैक्शन पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा.
बता दें कि जब से सरकार ने इन चार्जेस को लगाने की घोषणा की है, तभी से कई व्यापारी संगठन इसका विरोध कर रहे हैं. इसको लेकर कुछ दिन पहले ही विरोध प्रदर्शन भी किया गया था. हालांकि फिलहाल सरकार ने उनके इस विरोध का कोई जवाब नहीं दिया है. क्योंकि इन चार्जेस क असर केवल उन व्यापारियों पर पड़ेगा जो 2 हजार रुपये से ज्यादा की पेमेंट रिसीव करते हैं.
ये भी पढ़ें: मुंबई एयरपोर्ट से शिफ्ट नहीं होंगी 265 इंटरनेशनल फ्लाइट्स, सरकार ने लगाई रोक