शराब से ज्यादा बीयर पी रहे लोग, इस राज्य को मिला 11500 करोड़ का कलेक्शन

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शराब वैसे तो स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होती है, लेकिन ये राज्य सरकार की ताबड़तोड़ कमाई भी करवाती है. जैसे हाल ही में कर्नाटक सरकार की शराब बिक्री से ताबड़तोड़ कमाई हुई है. राज्य में इस साल दूसरे क्वार्टर में यानी जुलाई से सितंबर 2026 के बीच आबकारी विभाग को 11,595.88 करोड़ रुपये का राजस्व मिला है. 

ये पिछले साल इसी समय में मिले 10,303.94 करोड़ रुपये के मुकाबले करीब 12.54% ज्यादा है. सरकार की कमाई बढ़ने की बड़ी वजह बीयर और इंडियन मेड लिकर (IML) की बिक्री में बढ़ोतरी रही.

बीयर की बिक्री में तगड़ा उछाल
सामने आए सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, जुलाई-सितंबर 2026 के दौरान कर्नाटक में बीयर की बिक्री 126.68 लाख केस बॉक्स रही. पिछले साल इसी समय में 84.63 लाख केस बॉक्स की बिक्री हुई थी. यानी बीयर की बिक्री में 42.05 लाख केस बॉक्स की बढ़ोतरी हुई, जो सालाना आधार पर करीब 49.69% है.

बीयर से हुई सरकार की कमाई
बीयर की बिक्री बढ़ने का सीधा असर सरकार की कमाई पर भी पड़ा. बीयर से आबकारी राजस्व पिछले साल के 1,234.50 करोड़ रुपये से बढ़कर इस साल 1,463.07 करोड़ रुपये हो गया. यानी इसमें 18.52% की बढ़ोतरी हुई.

IML की बिक्री भी बढ़ी
इस साल इंडियन मेड लिकर यानी IML की बिक्री में भी बढ़ोतरी हुई, हालांकि ये बीयर के मुकाबले काफी कम रही. जुलाई-सितंबर 2026 में IML की बिक्री 171.69 लाख केस बॉक्स रही, जबकि पिछले साल इसी अवधि में 169.12 लाख केस बॉक्स की बिक्री हुई थी. यानी बिक्री में करीब 1.52% की बढ़ोतरी हुई. IML से सरकार को इस दौरान 9,033.21 करोड़ रुपये का आबकारी राजस्व मिला. पिछले साल ये रकम 7,968.69 करोड़ रुपये थी. यानी IML से सरकार की कमाई 13.36 फीसदी बढ़ी और 1,064.52 करोड़ रुपये ज्यादा राजस्व मिला.

लाइसेंस और जुर्माने से कमाई स्थिर
शराब से जुड़े दूसरे स्रोतों, जैसे लाइसेंस फीस और जुर्माने से सरकार को 1,099.60 करोड़ रुपये मिले. पिछले साल ये रकम 1,100.75 करोड़ रुपये थी. यानी इस हिस्से से होने वाली कमाई में कोई खास बदलाव नहीं आया.

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