RBI के रेपो रेट बढ़ाने के बाद डिप्टी गवर्नर ने इसे लेकर कहा है कि, ‘पहली तिमाही में 7.8% की ग्रोथ रेट के साथ महंगाई दर भी बहुत कम रही. अगर मौसम और तेल की कीमतों से जुड़े दो ग्लोबल झटके न लगे होते, तो शायद इस साल भी ऐसा ही होता.’
उन्होंने आगे कहा कि, ‘हालांकि हमारे पास कोई खास अनुमान नहीं है, लेकिन जो संकेत मिल रहे हैं, उनसे पता चलता है कि अर्थव्यवस्था की अंदरूनी मजबूती और क्षमता बढ़ी है.’