- आईएमएफ ने भारत की जीडीपी वृद्धि दर 7% अनुमानित की.
- घरेलू मांग और मजबूत सर्विस सेक्टर इस वृद्धि का आधार.
- भारत की युवा आबादी और संरचनात्मक सुधार मुख्य कारण हैं.
- अन्य वित्तीय संस्थानों ने भी भारत के अनुमान बढ़ाए हैं.
वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच भारत के लिए एक अच्छी खबर सामने आई है. दरअसल, इंटरनेशनल मॉनेटरी फंड (IMF) ने 2026-27 के लिए भारत की GDP ग्रोथ का अनुमान 60 बेसिस पॉइंट बढ़ाकर 7% कर दिया है. इसके लिए घरेलू मांग और मजबूत सर्विस एक्टिविटी का हवाला दिया गया.
दरअसल, इंटरनेशनल मॉनेटरी फंड (IMF) ने 2026-27 के लिए भारत की GDP ग्रोथ का अनुमान 60 बेसिस पॉइंट बढ़ाकर 7% कर दिया है. इसके लिए घरेलू मांग और मजबूत सर्विस एक्टिविटी का हवाला दिया गया.
दुनिया में लहराया भारत का परचम
फाइनेंशियल एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, मंगलवार को जारी अपनी लेटेस्ट ‘वर्ल्ड इकोनॉमिक आउटलुक’ रिपोर्ट में IMF ने कारोबारी साल 2028 के लिए भी ग्रोथ का अनुमान 30 बेसिस पॉइंट बढ़ाकर 7% कर दिया है. IMF का कहना है कि मजबूत सर्विस सेक्टर और घरेलू मांग के दम पर भारत की इकोनॉमी उम्मीद से तेज दौड़ रही है.
IMF का कहना है कि भारत की इस तरक्की की वजह कोई बाहरी कारक नहीं, बल्कि उसकी खुद की डेमोग्राफिक स्थिति है. जिस तरह से घरेलू बाजार में मांग बढ़ रही और लगातार स्ट्रक्चरल सुधार हो रहे हैं, भारत दुनिया में सबसे तेजी से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्थाओं में शामिल हो गया है.
IMF Growth Forecast 2026: 🇺🇸 US: 2.3% 🇩🇪 Germany: 1.3% 🇫🇷 France: 0.4% 🇮🇹 Italy: 0.8% 🇪🇸 Spain: 2.5% 🇬🇧 UK: 1.3% 🇯🇵 Japan:0.7% 🇨🇦 Canada: 1.1% 🇨🇳 China:4.5% 🇮🇳 India: 7.0% 🇷🇺 Russia:0.9% 🇧🇷 Brazil: 2.2% 🇲🇽 Mexico: 1.5% 🇸🇦 Saudi Arabia: -3.3% 🇳🇬 Nigeria: 4.2% 🇿🇦 South Africa: 1.0% https://t.co/yoil3EB47M
— IMF (@IMFNews) October 13, 2026
IMF के अनुकूल डेमोग्राफिक स्थिति का मतलब?
IMF ने भारत के जीडीपी ग्रोथ को लेकर लगाए गए अपने अनुमान के पीछे इसकी अपनी डेमोग्राफिक स्थिति को जिम्मेदार ठहराया है. इसका मतलब यहां की बड़ी आबादी और युवाओं की बड़ी संख्या से है. भारत इस समय दुनिया का सबसे युवा देश है, जिसकी औसत उम्र लगभग 28-29 साल है. जहां एक तरफ चीन, जापान और दूसरे यूरोपीय देश अपने यहां की बूढ़ी होती आबादी और वर्कफोर्स की कमी से जूझ रहे हैं. वहीं, भारत एक ऐसा देश है, जिसके पास काम करने के लिए युवाओं की एक विशाल फौज है, जो उत्पादन को बढ़ाने में सहयोग देने के साथ उपभोग को भी बढ़ा रहे हैं. इसका असर देश की इकोनॉमी पर साफ देखने को मिल रहा है.
इन्होंने ने माना भारत में है दम
IMF से पहले कई दूसरे बड़े संस्थानों ने भी भारत की इकोनॉमी को लेकर पॉजिटिव बात कही है. पिछले हफ्ते रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) और वर्ल्ड बैंक ने भी 2026-27 के लिए भारत के ग्रोथ का अनुमान बढ़ाकर 7.1% कर दिया था. IMF का अनुमान है कि भारत में कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (CPI) आधारित महंगाई FY27 में औसतन 5% रहेगी और FY28 में घटकर 4.4% हो जाएगी. यह अनुमान चालू वित्त वर्ष के लिए RBI के 5.2% के हालिया अनुमान से कम है.
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