देश का सबसे प्रतिष्ठित घरेलू टूर्नामेंट रणजी ट्रॉफी कल यानी रविवार (11 अक्टूबर) से शुरू हो रहा है. जम्मू-कश्मीर रणजी ट्रॉफी की मौजूदा चैंपियन है. एक समय यह टूर्नामेंट ही टीम इंडिया में आने का मुख्य मार्ग (रास्ता) था. यह भारत का सबसे बड़ा घरेलू टूर्नामेंट है. रविवार से रणजी ट्रॉफी 2026-27 सीजन की शुरुआत होगी.
रणजी ट्रॉफी में कुल 38 टीमें हिस्सा लेती हैं. इन 38 टीमों को दो ग्रुप में बांटा जाता है. एलीट ग्रुप में कुल 32 टीमों को शामिल किया जाता है, जबकि प्लेट ग्रुप में छह टीमों को रखा जाता है. प्लेट ग्रुप में उन टीमों को रखा जाता है, जो आमतौर पर नई या कम अनुभवी वाली होती हैं. रणजी ट्रॉफी 2026-27 सीजन में अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड और सिक्किम को प्लेट ग्रुप में रखा गया है. प्लेट ग्रुप में अच्छा प्रदर्शन करने वाली टीम को अगले सीजन एलीट ग्रुप में प्रमोट किया जाता है. वहीं, एलीट ग्रुप में रहकर खराब प्रदर्शन करने वाली टीम को प्लेट ग्रुप में भेज दिया जाता है.
एलीट वाली 32 टीमों को 4 ग्रुप में बांटा जाता है
रणजी ट्रॉफी में जो 32 टीमें एलीट ग्रुप में शामिल की जाती हैं, उन्हें कुल चार ग्रुप में बांटा जाता है. इस तरह एक ग्रुप में आठ टीमें रखी जाती हैं. हर टीम बाकी सात टीमों के खिलाफ मैच खेलती है. सभी चारों ग्रुप की टॉप-2 टीमें क्वार्टर फाइनल में प्रवेश करती हैं. इनमें से चार विजेता टीमें सेमीफाइनल खेलती हैं, और फिर सेमीफाइनल जीतने वाली टीमों के बीच खिताबी मैच खेला जाता है.
एक मैच जीतने या ड्रॉ होने पर कितने अंक मिलते हैं?
इस टूर्नामेंट में एक मैच जीतने पर हर टीम को टोटल 6 प्वाइंट यानी अंक दिए जाते हैं. अगर कोई टीम 10 विकेट से मैच जीत लेती है या फिर एक पारी से जीत दर्ज करती है तो फिर उसे सात अंक दिए जाते हैं. अगर मैच ड्रॉ होता है तो फिर पहली पारी में आगे रहने वाली टीम को 3 अंक दिए जाते हैं. साथ ही दूसरी टीम को एक अंक मिलता है. अगर मैच पहली पारी के पूरा हुए बिना या फिर मैच शुरू हुआ बिना किसी भी कारण से रद्द होता है तो दोनों टीमों को एक-एक अंक दिया जाता है.
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