Zerodha: बच्चों के नाम पर निवेश का नया ट्रेंड, कैसे काम करता है डीमैट अकाउंट?

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आमतौर पर लोग नौकरी शुरू करने या अपनी कमाई होने के बाद निवेश के बारे में सोचते हैं, लेकिन अब बच्चों के भविष्य की आर्थिक योजना जन्म के कुछ ही दिनों बाद शुरू हो रही है. Zerodha के सह-संस्थापक नितिन कामत ने एक ऐसे ग्राहक के बारे में बताया है, जिसकी उम्र महज 28 दिन है. इस खबर ने कम उम्र में निवेश और बच्चों के नाम पर वित्तीय योजना बनाने को लेकर नई चर्चा छेड़ दी है.

नितिन कामत ने जानकारी साझा करते हुए बताया कि Zerodha का सबसे कम उम्र का ग्राहक सिर्फ 28 दिन का है. बच्चे के माता-पिता ने उसके नाम पर माइनर अकाउंट खुलवाया और इसके लगभग एक सप्ताह बाद पहला निवेश भी कर दिया.

इससे पहले कंपनी का सबसे कम उम्र का ग्राहक 64 दिन का था. करीब एक साल में यह रिकॉर्ड बदल गया है. हालांकि, नए ग्राहक के निवेश की राशि और चुने गए वित्तीय उत्पाद के बारे में जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है.

क्या होता है माइनर अकाउंट?

माइनर अकाउंट ऐसा खाता होता है, जिसके जरिए नाबालिग बच्चे के नाम पर निवेश किया जा सकता है. इसे माता-पिता या कानूनी अभिभावक संचालित करते हैं.बच्चा खुद अपने स्तर पर शेयर बाजार में ट्रेडिंग के फैसले नहीं लेता.

Zerodha पर नाबालिग के नाम से खाता खोलने के लिए बच्चे और अभिभावक से जुड़े जरूरी दस्तावेजों की आवश्यकता होती है. इनमें PAN, आधार संबंधी विवरण, जन्मतिथि का प्रमाण और बैंक खाते से जुड़े दस्तावेज शामिल हो सकते हैं. खाता खोलने के लिए निर्धारित प्रक्रिया और सत्यापन पूरा करना जरूरी है.

बच्चों के लिए जल्दी निवेश क्यों कर रहे हैं माता-पिता?

बच्चों की पढ़ाई, उच्च शिक्षा और भविष्य की दूसरी जरूरतों के लिए आर्थिक तैयारी करना निवेश शुरू करने की प्रमुख वजहों में शामिल है. कुछ माता-पिता छोटी उम्र से ही बचत और निवेश की आदत विकसित करने पर जोर दे रहे हैं.

लंबे समय तक निवेश बनाए रखने से कंपाउंडिंग यानी चक्रवृद्धि वृद्धि का फायदा मिल सकता है. इसमें निवेश पर मिलने वाला रिटर्न भी आगे चलकर रिटर्न कमाने में योगदान दे सकता है. हालांकि, वास्तविक परिणाम निवेश की रकम, अवधि, चुने गए विकल्प और बाजार के प्रदर्शन पर निर्भर करते हैं.

निवेश से पहले जोखिम समझना जरूरी

बच्चे के नाम पर निवेश शुरू करने से पहले परिवार को अपने वित्तीय लक्ष्य, जोखिम उठाने की क्षमता और भविष्य की जरूरतों का आकलन करना चाहिए.शेयर बाजार में रिटर्न की गारंटी नहीं होती और निवेश का मूल्य घट भी सकता है. Zerodha का यह मामला दिखाता है कि कुछ परिवार अब बच्चों के भविष्य की वित्तीय योजना जन्म के शुरुआती दिनों से ही बनाने लगे हैं.

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