- हालांकि, यह पाइपलाइन अभी कम क्षमता पर ही संचालित हो रही है।
मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव के कारण इस साल में कई बार पेट्रोल-डीजल और LPG सिलेंडर के दाम में बढ़ोतरी देखने को मिली है और इसका असर सीधे आम लोगों की जेब पर पड़ा है. ऐसे में कुछ दिन पहले ही सऊदी अरब ने अपनी ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन को बंद कर दिया था, जिसके बाद इसका असर तेल सप्लाई पर पड़ा, क्योंकि इसी पाइपलाइन के जरिए रोजाना 40 से 50 लाख बैरल तेल सप्लाई किया जा रहा था. हालांकि, इस बीच एक राहत भरी खबर सामने आई है. सऊदी अरब की ओर से अपनी ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन को दोबारा से शुरू करने की खबर सामने आई है.
क्यों बंद की गई थी पाइपलाइन?
बता दें कि सितंबर में हुए ड्रोन हमले के बाद ही सऊदी अरब ने अहम कदम उठाते हुए पाइपलाइन को अस्थायी तौर पर बंद करने का फैसला किया. इस हमले में पाइपलाइन को नुकसान भी पहुंचा था. लेकिन अब सऊदी अरब की तरफ से पाइपलाइन को दोबारा शुरू करने की खबर सामने आ रही है. इस पाइपलाइन के शुरू होने से रेड सी के पास मौजूद अरामको की रिफाइनरियों को एक बार फिर से तेल की सप्लाई मिल सकेगी.
क्रूड ऑयल हुआ सस्ता
इसके साथ ही अगर पाइपलाइन के जरिए तेल की सप्लाई दोबारा शुरू होगी तो इससे तेल सप्लाई बढ़ने की उम्मीद है. वहीं क्रूड ऑयल की कीमत जो 100 डॉलर प्रति बैरल के पास पहुंच गई थी अब ये लगभग 97 डॉलर प्रति बैरल हो गई है.
पहले से कम रफ्तार में शुरू हुई पाइलपाइन
बता दें कि जहां पहले ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन से 40 से 70 लाख बैरल तेल की सप्लाई रोजाना की जा रही थी, लेकिन ड्रोन हमले के बाद पंपिंग स्टेशनों को नुकसान पहुंचा, जिसके बाद अब जब मंगलवार से ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन को दोबारा शुरू किया गया है, लेकिन इसे अभी कम क्षमता पर चलाया जा रहा है. हां, ये जरूर है कि इसे दोबारा पहले की चलाने में कुछ हफ्तों का समय लग सकता है.
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