कौन है अनमोल सिंह? जिन्होंने IAS छोड़ चुना IFS, UN में दिया पाकिस्तान को जवाब


हाल ही में संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान की टिप्पणियों पर भारत का पक्ष रखते हुए भी बेदी चर्चा में आए. अपने संबोधन के दौरान उन्होंने स्पष्ट किया कि परमाणु हथियारों को राजनीतिक दबाव बनाने या दूसरे देशों को धमकाने के साधन के रूप में इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए. उन्होंने यह भी कहा कि भारत परमाणु ब्लैकमेल के आगे नहीं झुकेगा और देश के खिलाफ किसी भी आतंकवादी हमले का उचित जवाब दिया जाएगा.

हाल ही में संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान की टिप्पणियों पर भारत का पक्ष रखते हुए भी बेदी चर्चा में आए. अपने संबोधन के दौरान उन्होंने स्पष्ट किया कि परमाणु हथियारों को राजनीतिक दबाव बनाने या दूसरे देशों को धमकाने के साधन के रूप में इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए. उन्होंने यह भी कहा कि भारत परमाणु ब्लैकमेल के आगे नहीं झुकेगा और देश के खिलाफ किसी भी आतंकवादी हमले का उचित जवाब दिया जाएगा.

अनमोल शेर सिंह बेदी ने संयुक्त राष्ट्र महासभा की पहली समिति की बैठक में भारत की ओर से राइट ऑफ रिप्लाई का इस्तेमाल करते हुए अपना पक्ष रखा. यह समिति निरस्तीकरण और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर काम करती है. उनका बयान जम्मू कश्मीर को लेकर पाकिस्तान की टिप्पणियों के बाद आया.

अनमोल शेर सिंह बेदी ने संयुक्त राष्ट्र महासभा की पहली समिति की बैठक में भारत की ओर से राइट ऑफ रिप्लाई का इस्तेमाल करते हुए अपना पक्ष रखा. यह समिति निरस्तीकरण और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर काम करती है. उनका बयान जम्मू कश्मीर को लेकर पाकिस्तान की टिप्पणियों के बाद आया.

वहीं आपको बता दें कि अनमोल शेर सिंह बेदी पंजाब के अमृतसर के रहने वाले हैं, उनकी शुरुआती पढ़ाई अमृतसर की स्प्रिंग डेल स्कूल में हुई. इसके बाद उन्होंने बिट्स पिलानी से कंप्यूटर साइंस में बीटेक की डिग्री हासिल की.

वहीं आपको बता दें कि अनमोल शेर सिंह बेदी पंजाब के अमृतसर के रहने वाले हैं, उनकी शुरुआती पढ़ाई अमृतसर की स्प्रिंग डेल स्कूल में हुई. इसके बाद उन्होंने बिट्स पिलानी से कंप्यूटर साइंस में बीटेक की डिग्री हासिल की.

इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी की. यह परीक्षा देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में शामिल है और इसके जरिए आईएएस, आईएफएस समेत कई दूसरी सेवाओं के लिए उम्मीदवारों का चयन किया जाता है .

इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी की. यह परीक्षा देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में शामिल है और इसके जरिए आईएएस, आईएफएस समेत कई दूसरी सेवाओं के लिए उम्मीदवारों का चयन किया जाता है .

अनमोल ने 2016 में अपने पहले ही प्रयास में परीक्षा पास करते हुए ऑल इंडिया रैंक 2 हासिल की. इतनी अच्छी रैंक के बाद उनके पास आईएएस चुनने का ऑप्शन था, लेकिन उन्होंने भारतीय विदेश सेवा को प्राथमिकता दी. इस फैसले के साथ उन्होंने प्रशासनिक सेवा के बजाय अंतरराष्ट्रीय संबंधों और भारत के विदेशी मामलों से जुड़ा करियर चुना.

अनमोल ने 2016 में अपने पहले ही प्रयास में परीक्षा पास करते हुए ऑल इंडिया रैंक 2 हासिल की. इतनी अच्छी रैंक के बाद उनके पास आईएएस चुनने का ऑप्शन था, लेकिन उन्होंने भारतीय विदेश सेवा को प्राथमिकता दी. इस फैसले के साथ उन्होंने प्रशासनिक सेवा के बजाय अंतरराष्ट्रीय संबंधों और भारत के विदेशी मामलों से जुड़ा करियर चुना.

आईएफएससी अधिकारियों की जिम्मेदारी दूसरे देशों के साथ भारत के संबंधों को आगे बढ़ाने, अंतरराष्ट्रीय मंचों पर देश का प्रतिनिधित्व करने और विदेशी नीति से जुड़े मामलों पर काम करने की होती हैं. बेदी के करियर का आगे का सफर भी इसी दिशा में आगे बड़ा. इंजीनियरिंग की पढ़ाई से शुरू हुआ उनका सफर यूपीएससी में शानदार प्रदर्शन और फिर अंतरराष्ट्रीय नीति तक पहुंचा. आज वह निरस्तीकरण और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा जैसे अहम विषयों पर भारत का पक्ष रखने वाले अधिकारियों में शामिल है.

आईएफएससी अधिकारियों की जिम्मेदारी दूसरे देशों के साथ भारत के संबंधों को आगे बढ़ाने, अंतरराष्ट्रीय मंचों पर देश का प्रतिनिधित्व करने और विदेशी नीति से जुड़े मामलों पर काम करने की होती हैं. बेदी के करियर का आगे का सफर भी इसी दिशा में आगे बड़ा. इंजीनियरिंग की पढ़ाई से शुरू हुआ उनका सफर यूपीएससी में शानदार प्रदर्शन और फिर अंतरराष्ट्रीय नीति तक पहुंचा. आज वह निरस्तीकरण और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा जैसे अहम विषयों पर भारत का पक्ष रखने वाले अधिकारियों में शामिल है.

वहीं भारतीय विदेश सेवा में चयन के बाद अनमोल बेदी ने ट्रेनिंग के दौरान भी उपलब्धि हासिल की. उन्हें 2017 बैच के आईएफएस अधिकारी ट्रेनर्स में सर्वश्रेष्ठ अधिकारी ट्रेनर के लिए विदेश मंत्री के गोल्ड मेडल से सम्मानित किया गया. सुषमा स्वराज इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरेन सर्विसेज के प्रशिक्षण से जुड़े रिकॉर्ड में भी 2017 बैच के लिए सम्मान के विजेता के रूप में बेदी का नाम दर्ज है.

वहीं भारतीय विदेश सेवा में चयन के बाद अनमोल बेदी ने ट्रेनिंग के दौरान भी उपलब्धि हासिल की. उन्हें 2017 बैच के आईएफएस अधिकारी ट्रेनर्स में सर्वश्रेष्ठ अधिकारी ट्रेनर के लिए विदेश मंत्री के गोल्ड मेडल से सम्मानित किया गया. सुषमा स्वराज इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरेन सर्विसेज के प्रशिक्षण से जुड़े रिकॉर्ड में भी 2017 बैच के लिए सम्मान के विजेता के रूप में बेदी का नाम दर्ज है.

Published at : 11 Oct 2026 09:45 AM (IST)

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