रिटायरमेंट के बाद नियमित आमदनी बनाए रखना वरिष्ठ नागरिकों के लिए बड़ी जरूरत होती है. ऐसे में फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) निवेश का एक लोकप्रिय विकल्प है, क्योंकि इसमें पहले से तय ब्याज दर के आधार पर रिटर्न मिलता है. देश के कई सरकारी बैंक वरिष्ठ नागरिकों को सामान्य ग्राहकों के मुकाबले अधिक ब्याज देते हैं.
आइए जानते हैं कि किन पांच सरकारी बैंकों में FD कराने पर बुजुर्गों को बेहतर ब्याज मिल सकता है.
भारतीय रिजर्व बैंक ने 7 अक्टूबर साल 2026 को रेपो रेट में 0.25 प्रतिशत की बढ़ोतरी करते हुए इसे 5.50 प्रतिशत कर दिया है. इसके बाद बैंकों की जमा दरों में बदलाव की संभावना जताई जा रही है. हालांकि, रेपो रेट बढ़ने का मतलब यह नहीं है कि सभी बैंक तुरंत FD पर ब्याज बढ़ा देंगे. यह फैसला बैंकों की वित्तीय जरूरतों और जमा राशि की मांग पर भी निर्भर करता है. उपलब्ध ब्याज दरों के मुताबिक, वरिष्ठ नागरिक इन सरकारी बैंकों की FD योजनाओं पर विचार कर सकते हैं.
बैंक ऑफ बड़ौदा
इसमें सबसे ऊपर में बैंक ऑफ बड़ौदा पहले स्थान पर है. बैंक वरिष्ठ नागरिकों को FD पर अधिकतम 7.25 प्रतिशत तक ब्याज दे रहा है, जबकि सामान्य ग्राहकों के लिए अधिकतम दर 6.60 प्रतिशत बताई गई है.
पंजाब नेशनल बैंक
पंजाब नेशनल बैंक में वरिष्ठ नागरिकों को FD पर अधिकतम 7.10 प्रतिशत ब्याज मिल सकता है. वहीं, सामान्य ग्राहकों के लिए अधिकतम ब्याज दर 6.60 प्रतिशत है.
केनरा बैंक
केनरा बैंक भी वरिष्ठ नागरिकों को अधिकतम 7.10 प्रतिशत ब्याज दे रहा है. सामान्य ग्राहकों के लिए इसकी अधिकतम दर 6.60 प्रतिशत बताई गई है.
यूनियन बैंक ऑफ इंडिया
यूनियन बैंक में वरिष्ठ नागरिकों को FD पर अधिकतम 7.05 प्रतिशत ब्याज मिल सकता है. सामान्य ग्राहकों के लिए अधिकतम दर 6.55 प्रतिशत है.
भारतीय स्टेट बैंक
देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक SBI में वरिष्ठ नागरिकों को FD पर अधिकतम 7.05 प्रतिशत ब्याज मिल रहा है. सामान्य ग्राहकों के लिए अधिकतम दर 6.45 प्रतिशत बताई गई है.
FD कराने से पहले इन बातों का रखें ध्यान
वरिष्ठ नागरिकों को निवेश करने से पहले FD की अवधि, ब्याज भुगतान के विकल्प और समय से पहले पैसा निकालने पर लगने वाले शुल्क की जानकारी लेनी चाहिए. अलग-अलग अवधि पर ब्याज दरें अलग हो सकती हैं, इसलिए केवल अधिकतम दर देखकर निवेश करना सही नहीं है.
इसके अलावा, वरिष्ठ नागरिक बचत योजना और पोस्ट ऑफिस मंथली इनकम स्कीम जैसे विकल्पों की भी तुलना कर सकते हैं. निवेश का चुनाव अपनी नियमित खर्चों की जरूरत, उपलब्ध बचत और वित्तीय लक्ष्यों को ध्यान में रखकर करना बेहतर रहता है.
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