महाराष्ट्र में खुले मसालों की बिक्री पर बैन, FDA का सख्त फैसला

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महाराष्ट्र में पिछले कुछ महीनों से फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) की लगातार कार्रवाई चल रही है. जिसके तहत खाद्य विभाग की टीम खाने- पीने जगहों और स्टोर्स पर कार्रवाई कर रही है. इसी कड़ी में हाल ही में विभाग की तरफ से एक कड़ा फैसला किया गया है, जिसके तहत अब महाराष्ट्र में खुले मसाले नहीं बिक पाएंगे. 

FDA ने बिना पैकिंग वाले मसाला पाउडर और मिलावटी मसाले बेचने पर रोक लगा दी है. खाद्य विभाग ने मसालों की गुणवत्ता और लोगों की सेहत को ध्यान में रखते हुए ये फैसला लिया है. नए नियमों के तहत मसालों को सही तरीके से पैक और सील करके ही बेचना होगा. 

हल्दी, मिर्च, गरम मसाला भी नहीं मिलेगा खुला
FDA के आदेश के मुताबिक अब हल्दी, लाल मिर्च, धनिया, जीरा, काली मिर्च, दालचीनी, इलायची, लौंग, हींग, केसर और गरम मसाले सहित कई तरह के मसाले खुले में नहीं बेचे जाएंगे. ये नियम मसाला बनाने वाली कंपनियों, थोक विक्रेताओं, दुकानदारों, ऑनलाइन कारोबार करने वालों, होटल, रेस्टोरेंट, केटरिंग सेवाओं और संस्थानों की रसोई पर भी लागू होंगे.

पैकिंग और लेबल पर देना होगा ध्यान
इन नए नियमों के मुताबिक मसालों का जहां प्रोडक्शन होगा वहां इनकी अच्छी तरह पैकिंग करना होगी और इन्हें सील करना होगा. बिना पैकिंग के मसाला पाउडर बेचने की इजाजत नहीं होगी. मसालों के पैकेट पर मसाले का नाम और उसमें इस्तेमाल की गई सामग्री की जानकारी देना होगी. निर्माता का नाम और पता, FSSAI लाइसेंस नंबर, बैच नंबर और निर्माण या पैकिंग की तारीख की जानकारी भी देना होगी.

इसके अलावा इस्तेमाल की आखिरी तारीख या बेस्ट बिफोर की जानकारी भी देना अनिवार्य होगा. कंपनियां मसालों की शुद्धता, प्राकृतिक गुणों, ऑर्गेनिक होने या स्वास्थ्य लाभ के बारे में भ्रामक दावे भी नहीं कर सकेंगी. मसालों का कारोबार करने वालों के पास काम के अनुसार वैध FSSAI लाइसेंस या रजिस्ट्रेशन होना जरूरी है. केवल व्यापार लाइसेंस के आधार पर मसाले बनाने या पीसने की अनुमति नहीं मिलेगी.

होगी सख्त कार्रवाई
FDA का कहना है कि यदि किसी भी तरह की मिलावट की या गलत जानकारी, भ्रामक दावों की शिकायत मिलती है, तो कंपनी पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी. नियम तोड़ने वालों पर उत्पाद जब्त करने, बाजार से वापस मंगाने, लाइसेंस निलंबित करने या रद्द करने और कानूनी कार्रवाई जैसे कदम उठाए जा सकते हैं.

इसके अलावा खाद्य सुरक्षा कानून के तहत मिलावटी खाने से मौत होने पर कम से कम 7 साल की जेल, जिसे आजीवन कारावास तक बढ़ाया जा सकता है, और कम से कम 10 लाख रुपये जुर्माने का प्रावधान है. बिना वैध लाइसेंस कारोबार करने पर भी 6 महीने तक की जेल और 5 लाख रुपये तक जुर्माना हो सकता है. 

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