- बेहतर कनेक्टिविटी यात्रियों को सुविधा देगी, जिससे पर्यटन बढ़ेगा।
‘पूजा की छुट्टियों’ की शुरुआत और घाटी में पतझड़ का आनंद लेने आने वाले पर्यटकों के आगमन के बीच भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (Airport Authority of India) ने श्रीनगर अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे से रात की उड़ानों को तय समय से पहले ही फिर से शुरू करने की घोषणा की है. रात की उड़ानें अप्रैल 2026 में बंद कर दी गई थीं और इन्हें 31 अक्टूबर के बाद फिर से शुरू किया जाना था.
एक अधिकारी ने बताया, “इस क्षेत्र में काम करने वाली एयरलाइनों को सूचित कर दिया गया है कि श्रीनगर से आने-जाने के लिए उनके उड़ान घंटों की सीमा बढ़ा दी गई है. 25 अक्टूबर से ‘विंटर शेड्यूल’ (Winter Schedule) लागू होने के साथ ही शाम की उड़ानें फिर से शुरू हो जाएंगी.”
क्यों बंद की गई थी उड़ानें?
रनवे की मरम्मत के कारण पिछले लगभग सात महीनों से श्रीनगर हवाई अड्डे पर उड़ानों के समय में कटौती की गई थी और उड़ानें केवल सुबह 8 बजे से शाम 5 बजे के बीच ही संचालित हो रही थीं. लेकिन अब इस नई घोषणा के साथ श्रीनगर अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उड़ानों के लिए उपलब्ध समय फिर से बढ़ जाएगा.
इस साल अप्रैल से अक्टूबर के बीच रनवे की मरम्मत के दौरान, श्रीनगर हवाई अड्डे पर उड़ानें केवल सुबह 8 बजे से शाम 5 बजे तक ही संचालित हो रही थीं. इसके चलते अप्रैल से पहले जहां रोज़ाना लगभग 50 उड़ानें आती थीं. वहीं इस दौरान यह संख्या घटकर लगभग 25 से 30 रह गई थी.
सोमवार को श्रीनगर अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे के अधिकारियों ने हवाई अड्डे के संचालन को सुबह 8 बजे से शाम 5 बजे तक सीमित रखने वाली पाबंदियों को हटाने की घोषणा की. अब, परिचालन संबंधी जरूरतों के आधार पर, शाम 5 बजे के बाद भी उड़ानों का समय तय किया जा सकेगा.
देर शाम की उड़ानों को मिलेगी राहत
श्रीनगर हवाई अड्डे के एक अधिकारी ने बताया कि उन्हें उड़ानों के समय संबंधी पाबंदियों को हटाने के बारे में ‘नोटिस टू एयरमेन’ (NOTAM) मिल चुका है. विमानन क्षेत्र में NOTAM सभी एयरलाइनों और हवाई अड्डा प्रबंधन एजेंसियों को भेजी जाने वाली एक आधिकारिक सूचना होती है.
“25 अक्टूबर से ‘विंटर शेड्यूल 2026’ लागू हो जाएगा. एयरलाइंस श्रीनगर से आने-जाने वाली देर शाम की उड़ानों के लिए स्लॉट बुक करने की प्रक्रिया में हैं. इससे कनेक्टिविटी बेहतर होने की उम्मीद है और सर्दियों के मौसम में यात्रियों को अधिक सुविधा और लचीलापन मिलेगा.”
हवाई अड्डा प्राधिकरण ने यात्रियों को सलाह दी है कि वे हवाई अड्डे के लिए निकलने से पहले अपनी संबंधित एयरलाइनों से उड़ानों की नवीनतम स्थिति (status) और समय की जांच जरूर कर लें. पिछले कुछ वर्षों में श्रीनगर हवाई अड्डे पर रोज़ाना आने-जाने वाली उड़ानों की संख्या कभी-कभी 70 तक पहुंच गई है. पिछले साल पहलगाम हमले के बाद पर्यटकों की संख्या में भारी गिरावट आई थी, जिसके चलते उड़ानों की संख्या भी काफी कम हो गई थी.
रनवे की मरम्मत के लिए उड़ानों के समय (फ्लाइंग आवर्स) को सीमित किया गया था, लेकिन अब एक बड़े विस्तार की योजना भी पाइपलाइन में है, जिसके तहत टर्मिनल का विस्तार किया जाएगा. इसके साथ ही यात्रियों के लिए सुविधाओं को भी बेहतर बनाया जाएगा.
पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
इस बीच व्यापार और पर्यटन से जुड़े लोगों ने उड़ानों के समय पर लगी पाबंदियों को हटाए जाने का स्वागत किया है. कश्मीर चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (KCCI) के अध्यक्ष जावेद तेंगा ने कहा कि उड़ानों के समय में बढ़ोतरी से पर्यटकों के साथ-साथ स्थानीय यात्रियों को भी फायदा होगा.
हालांकि, उड़ानों के समय पर लगी पाबंदियां हटने से उड़ानों की संख्या बढ़ने की उम्मीद है, लेकिन सर्दियों के महीनों में शाम की उड़ानों का सुचारू रूप से चलना रनवे पर दृश्यता (विजिबिलिटी) पर निर्भर करेगा.
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