
सरकार ने पेरेंट्स को किसी भी परेशानी से बचने के लिए इस व्यवस्था को तुरंत लागू न करते हुए, शैक्षणिक सत्र 2027-28 में अलग-अलग चरणों से लागू करने का निर्णय लिया है.

नए नियमों के अनुसार बच्चों की उम्र की गणना हर साल 30 जून के आधार पर की जाएगी. इसका मतलब यह है कि संबंधित शैक्षणिक सत्र में 30 जून तक के बच्चे की उम्र निर्धारित सीमा के बराबर या उससे ज्यादा होनी चाहिए. उदाहरण के लिए अगर किसी बच्चे का जन्मदिन 30 जून के बाद जैसे जुलाई में आता है, तो उसे उस सत्र के एडमिशन के लिए पात्र नहीं माना जाएगा और अभिभावकों को अगले साल तक इंतजार करना पड़ सकता है.

सरकार ने आने वाले चार शैक्षणिक सत्र में उम्र का नया ढांचा लागू करने की योजना बनाई है. इसमें 2027-28 सत्र में एडमिशन के लिए बच्चों की न्यूनतम उम्र 3 साल होगी. वहीं इसके बाद 2028-29 में जूनियर केजी में एडमिशन के लिए बच्चे की न्यूनतम उम्र 4 साल होना चाहिए.

वहीं 2029-30 में सीनियर केजी के लिए बच्चों की न्यूनतम उम्र 5 साल जरूरी है. इसके बाद सत्र 2030-31 में पहली कक्षा के लिए न्यूनतम उम्र 6 साल होना जरूरी है. यानी पहली कक्षा में 6 वर्ष की बाध्यता पूरी तरह से सत्र 2030-31 से प्रभावित होगी.

वहीं अब तक महाराष्ट्र बोर्ड सीबीएसई, आईसीएसई और आईबी बोर्ड से मान्यता प्राप्त अलग-अलग स्कूलों में प्री प्राइमरी और पहली कक्षा में एडमिशन के लिए उम्र के अलग-अलग मानक चल रहे थे. कहीं स्कूल कम उम्र में भी बच्चों को एडमिशन दे देते थे, जिससे पेरेंट्स के बीच काफी असमंजस रहता था. सरकार ने इस व्यवस्था को पूरी तरह समाप्त कर राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के दिशा-निर्देशों के अनुरूप पूरे राज्य के सभी बोर्ड के स्कूलों में उम्र का एक समान नियम लागू किया है.

वहीं जो बच्चे शैक्षणिक सत्र 2026-27 में पहले से ही नर्सरी से पहली कक्षा तक पढ़ रहे हैं, उन पर यह नया नियम लागू नहीं होगा. इसके अलावा किसी मान्यता प्राप्त स्कूल से अपनी पिछली कक्षा पास कर अगली कक्षा में जाने वाले नियमित छात्रों को भी उम्र की नई शर्त से छूट दी गई है. वहीं स्कूल प्रमुखों को नर्सरी से पहले कक्षा तक एडमिशन के लिए न्यूनतम और अधिकतम उम्र सीमा में अधिकतम 15 दिनों तक की छूट देने का अधिकार है.

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Published at : 18 Oct 2026 10:23 AM (IST)