भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने कुछ दिन पहले ही मीटिंग में रेपो रेट में बढ़ोतरी की थी. ये बढ़ोतरी करीब चार साल बाद की गई थी. जिसके बाद महंगाई का दबाव बढ़ने की बात कही जा रही थी. इसी बीच अब RBI के सामने ब्याज दरों को लेकर चुनौती है. हालांकि फिलहाल RBI की ओर से ब्याज दरों में कटौती की कोई संभावना नजर नहीं आ रही है. जिससे फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) में निवेश करने वालों के लिए अच्छा मौका है.
ब्याज दरों में कटौती ना होने के कारण फिलहाल FD ही सबसे अच्छा और आकर्षक निवेश का ऑप्शन है. जो लोग अपना पैसा सुरक्षित रखना चाहते हैं और निश्चित रिटर्न चाहते हैं, उनके लिए FD पर विचार करने का ये अच्छा समय हो सकता है.
RBI ने ब्याज दरों पर क्या कहा?
RBI ने अक्टूबर 2026 की मौद्रिक नीति बैठक में रेपो रेट में 0.25% की बढ़ोतरी की थी. ये फैसला महंगाई बढ़ने और मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के कारण पैदा हुई आर्थिक अनिश्चितता को देखते हुए लिया गया. इसे लेकर RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा है कि, फिलहाल ब्याज दरों में कटौती की संभावना नहीं है. इसका मतलब है कि आने वाले समय में ब्याज दरें घटने की उम्मीद कम है. हालांकि, आगे ब्याज दरों को लेकर क्या फैसला होगा, ये महंगाई और आर्थिक हालात पर निर्भर करेगा.
FD में निवेश हो सकता है बेस्ट ऑप्शन
शेयर बाजार में इन दिनों कच्चे तेल की कीमतों, मिडिल ईस्ट में युद्ध और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़ी अनिश्चितताओं के कारण उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है. ऐसे माहौल में FD उन निवेशकों के लिए बेहतर विकल्प हो सकती है, जो शेयर बाजार का जोखिम नहीं लेना चाहते.
FD में निवेश करने पर बैंक तय अवधि के लिए निश्चित ब्याज दर देता है. इससे निवेशक को पहले से पता रहता है कि उसे कितना ब्याज मिल सकता है. हालांकि, FD का रिटर्न शेयर बाजार या कुछ दूसरे निवेश के ऑप्शंस की तुलना में कम हो सकता है. साथ ही, ब्याज से होने वाली कमाई पर लागू नियमों के अनुसार टैक्स भी देना पड़ सकता है.
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