10 मिनट वाली Blinkit, Swiggy, Amazon पर संकट, कड़े होंगे डिलीवरी के नियम

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ऑनलाइन ग्रॉसरी मंगाने वाले ग्राहकों के लिए आने वाले समय में खरीदारी का तरीका बदल सकता है. भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) क्विक कॉमर्स कंपनियों के लिए नियमों को और सख्त करने की तैयारी कर रहा है.

इस कदम के दायरे में बिलिंकिट, स्वगी ईस्मार्ट और एमाजॅान जैसे प्लेटफॉर्म आ सकते हैं. नियामक का मकसद ऑनलाइन बिकने वाले खाद्य उत्पादों की गुणवत्ता और सुरक्षा सुनिश्चित करना है, ताकि ग्राहकों को सामान खरीदते समय जरूरी जानकारी मिल सके.

ऑनलाइन प्रोडक्ट पर दिखानी पड़ सकती है पूरी जानकारी

FSSAI की योजना के मुताबिक, ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर खाद्य पदार्थों की लिस्टिंग में मैन्युफैक्चरिंग डेट, एक्सपायरी डेट और बैच नंबर जैसी जानकारियां दिखाना जरूरी किया जा सकता है. इससे ग्राहक ऑर्डर देने से पहले यह समझ सकेंगे कि वे कौन-सा उत्पाद खरीद रहे हैं और उसकी उपयोग अवधि क्या है.

फिलहाल कई ग्राहकों को ऑनलाइन खरीदारी के दौरान उत्पाद की शेल्फ लाइफ से जुड़ी जानकारी आसानी से नहीं मिल पाती. ऐसे में प्रस्तावित बदलावों से खाद्य पदार्थों की खरीदारी में पारदर्शिता बढ़ सकती है. नियामक यह भी चाहता है कि कंपनियां अपने प्लेटफॉर्म पर उत्पादों से जुड़े भ्रामक दावों के मामले में जवाबदेही निभाएं.

डार्क स्टोर और क्लाउड किचन की भी होगी जांच

खाद्य सुरक्षा एजेंसी की निगरानी केवल मोबाइल ऐप पर दिखाई देने वाली जानकारी तक सीमित नहीं रहेगी. क्विक कॉमर्स कंपनियों के डार्क स्टोर और क्लाउड किचन भी जांच के दायरे में हैं. डार्क स्टोर वे केंद्र होते हैं, जहां से ऑनलाइन ऑर्डर के लिए सामान रखा और पैक किया जाता है.

प्रस्तावित व्यवस्था में क्लाउड किचन की तस्वीरें और पते उपलब्ध कराने जैसे प्रावधानों पर भी विचार किया जा रहा है. इसके अलावा, खाद्य सामग्री को सही तापमान पर रखने और खासकर फ्रोजन उत्पादों के उचित जांच ज्यादा सख्ती से की जा सकती है. इससे यह सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी कि ग्राहक तक पहुंचने वाला सामान सुरक्षित स्थिति में रखा गया था.

नियमों के उल्लंघन पर कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई

FSSAI ने हाल के महीनों में ई-कॉमर्स कंपनियों पर निगरानी बढ़ाई है. नियामक की जांच में गलत ब्रांडिंग, प्रतिबंधित उत्पादों की बिक्री और वैध लाइसेंस से जुड़ी गड़बड़ियों जैसे मामले सामने आए हैं. बिलिंकिट, स्वगी ईस्मार्ट, फिल्पकार्ट और एमाजोन की भारतीय इकाइयों को भी नियामकीय कार्रवाई का सामना करना पड़ा है.

FSSAI के मुख्य कार्यकारी अधिकारी राजित पुनहानी के मुताबिक, ऑनलाइन कारोबार से जुड़े नियमों को प्रभावी बनाने और कंपनियों की जवाबदेही तय करने पर जोर दिया जा रहा है. उनके अनुसार, ई-कॉमर्स क्षेत्र अब खाद्य सुरक्षा एजेंसी की प्राथमिकताओं में शामिल है.

ग्राहकों को क्या होगा फायदा?

नए नियम लागू होने पर ग्राहकों को सामान की गुणवत्ता और उसकी वैध उपयोग अवधि के बारे में बेहतर जानकारी मिल सकती है. इससे एक्सपायरी डेट, गलत उत्पाद विवरण और भ्रामक दावों से जुड़ी समस्याओं को कम करने में मदद मिलेगी. हालांकि, अभी इन बदलावों को लेकर तैयारी और विचार-विमर्श चल रहा है. अंतिम नियमों और उनके लागू होने की तारीख को लेकर आधिकारिक घोषणा का इंतजार करना होगा.

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