How To Keep Rotis Soft For Hours: घर में अक्सर ऐसा होता है कि तवे से उतरते समय रोटियां बिल्कुल नरम और फूली हुई होती हैं, लेकिन कुछ घंटे बाद जब खाने के लिए निकाली जाती हैं तो उनका स्वाद और बनावट दोनों बदल चुके होते हैं. रोटी सूखकर सख्त हो जाती है और कई बार उसे दोबारा गर्म करने के बाद भी वह ताजी बनी रोटी जैसी नरम नहीं लगती. अगर आपके घर में भी रोटियां दोपहर में बनाने के बाद शाम तक रखते-रखते सख्त हो जाती हैं, तो इसकी वजह सिर्फ रोटी बनाने का तरीका नहीं है. आटा गूंथने से लेकर रोटी सेंकने और फिर उसे रखने तक हर कदम का असर उसकी नरमी पर पड़ता है.
नरम रोटी की शुरुआत आटा गूंथने से ही होती है. आटा बहुत सूखा होगा तो रोटी बनने के बाद जल्दी सख्त होने लगेगी. आटा गूंथने के लिए हल्के गुनगुने पानी का इस्तेमाल किया जा सकता है. पानी धीरे-धीरे डालकर आटा गूंथें, ताकि आटे में नमी अच्छी तरह मिल जाए. आटा न तो बहुत कड़ा होना चाहिए और न ही इतना गीला कि वह हाथों से चिपकने लगे. सही आटा वह है जो नरम और लचीला महसूस हो. ऐसा आटा बेलने में भी आसानी देता है और रोटी के अंदर नमी बनाए रखने में मदद करता है.
सिर्फ जोर से नहीं, सही तरीके से गूंथें आटा
आटा गूंथते समय बहुत ज्यादा जोर लगाने की जरूरत नहीं होती. कुछ मिनट तक लगातार और एक जैसी गति से आटा गूंथने से उसकी बनावट बेहतर होती है. इससे आटे में मौजूद ग्लूटेन स्ट्रैंड्स अच्छी तरह बनते हैं, जिससे रोटी में लचीलापन और नरमी आती है. आटा गूंथने के बाद उसे कुछ समय के लिए ढककर रखना भी जरूरी है. इससे आटा नमी को अच्छी तरह सोख लेता है और आराम करता है. इससे रोटी बेलते समय आटे में दरारें कम आती हैं और रोटी सूखी नहीं बनती.

तवे का तापमान भी करता है बड़ा फर्क
रोटी को बहुत तेज आंच पर सेंकने से बाहर की परत जल्दी सूख सकती है, जबकि अंदर का हिस्सा ठीक से पक नहीं पाता. दूसरी तरफ बहुत धीमी आंच पर रोटी सेंकने से वह जरूरत से ज्यादा देर तक गर्मी में रहती है और सख्त हो सकती है. इसलिए तवे को अच्छी तरह गर्म करें और रोटी को मध्यम से तेज आंच पर सेंकें. सही तापमान पर रोटी जल्दी पकती है और उसके अंदर बनने वाली भाप को बनाए रखने में मदद मिलती है. रोटी अच्छी तरह फूलती है तो उसके अंदर नमी और गर्माहट भी बनी रहती है, जो ठंडा होने के बाद उसे नरम रखने में मदद करती है.
तवे से उतरते ही खुला न छोड़ें
रोटी के नरम रहने में भाप की भी बड़ी भूमिका होती है. तवे से उतरने के बाद अगर रोटियों को खुला छोड़ दिया जाए तो उनके अंदर मौजूद नमी तेजी से बाहर निकलने लगती है. इसी वजह से कुछ देर बाद रोटी की सतह सूखी और सख्त महसूस हो सकती है. रोटियां बनते ही उन्हें एक के ऊपर एक रखते जाएं और तुरंत ढक दें. एक साथ रखी हुई गर्म रोटियों में बनने वाली भाप उनकी नरमी बनाए रखने में मदद करती है. रोटियों को खुला रखने के बजाय ढककर रखना इसलिए जरूरी है, खासकर तब जब उन्हें कई घंटे बाद खाना हो.

रोटियों को रखने का तरीका भी सही होना चाहिए
रोटियों को रखने के लिए साफ सूती कपड़े का इस्तेमाल किया जा सकता है. रोटियों को कपड़े में लपेटकर रखने से उनकी नमी जल्दी बाहर नहीं निकलती. अगर फॉयल का इस्तेमाल करना है तो रोटियों को पहले थोड़ा ठंडा होने दें और उसके बाद फॉयल में रखें. बहुत गर्म रोटियों को तुरंत फॉयल में बंद करने से अंदर भाप जम सकती है. इससे रोटियां नरम रहने के बजाय गीली या चिपचिपी हो सकती हैं. इसलिए रोटियों को स्टोर करते समय गर्मी और नमी के बीच सही संतुलन बनाए रखना जरूरी है.
रोटियों को एक के ऊपर एक ही रखें
रोटियों को खड़ा करके रखने के बजाय उन्हें एक के ऊपर एक रखकर स्टैक करना बेहतर रहता है. इससे उनका आकार बना रहता है और गर्मी व नमी भी ज्यादा समान तरीके से बनी रहती है. रोटियां बनाते समय उन्हें बार-बार मोड़ने या फाड़ने से भी बचें, क्योंकि इससे अंदर मौजूद भाप जल्दी बाहर निकल सकती है. अगर रोटियां पहले से बनाकर रखनी हों तो खाने से पहले उन्हें दोबारा हल्की भाप दी जा सकती है. इसके लिए ढके हुए बर्तन या ऐसे कंटेनर का इस्तेमाल किया जा सकता है जिसमें गर्माहट बनी रहे. इससे रोटियों की नरमी वापस लाने में मदद मिल सकती है.
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सिर्फ एक ट्रिक नहीं, पूरी प्रक्रिया है जरूरी
रोटियों को शाम तक नरम रखने का कोई एक जादुई तरीका नहीं है. इसके लिए आटे में सही नमी, अच्छी तरह गूंथना, आटे को आराम देना, तवे का सही तापमान, रोटी को ठीक से पकाना और तवे से उतरने के बाद उसे सही तरीके से ढककर रखना, सभी चीजें मायने रखती हैं. अगर आटा सही तरह से तैयार किया जाए, रोटी को जरूरत से ज्यादा न पकाया जाए और बनने के बाद उसकी नमी को बनाए रखा जाए, तो कुछ घंटों बाद भी रोटियां काफी हद तक नरम रह सकती हैं. यानी रोटी की नरमी सिर्फ तवे पर तय नहीं होती, बल्कि उसे बनाने से लेकर खाने तक की पूरी प्रक्रिया पर निर्भर करती है.
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